📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Panchayati Raj
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डीआरए ने डिजिटल होमबायिंग में अग्रणी भूमिका: तमिलनाडु की प्रेज़ेंस‑लेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को अपनाया
✍️ Business Standard
🗓 14 अग. 2026, 07:18 PM
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डिजिटल रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (डीआरए) ने भारत में पहली बार तमिलनाडु की प्रेज़ेंस‑लेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रणाली को अपनाया, जिससे खरीदारों और विक्रेताओं के लिए प्रक्रिया सरल हुई।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (डीआरए) ने आज घोषणा की कि उसने तमिलनाडु की प्रेज़ेंस‑लेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन ढाँचे को अपनाया है, जिससे वह भारत में पहली एजेंसी बन गई है।
इस नई प्रणाली के तहत खरीदार और विक्रेता सभी दस्तावेज़, जिसमें ई‑हस्ताक्षर और इलेक्ट्रॉनिक क्यू‑केवाई शामिल हैं, बिना किसी भौतिक उपस्थिति के पूरा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रबंधित की जाती है जो पहचान और दस्तावेज़ों को वास्तविक समय में सत्यापित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम लेन‑देनों के समय को हफ्तों से दिनों तक कम करेगा, कागजी कार्रवाई की लागत घटाएगा और धोखाधड़ी के जोखिम को घटाएगा। यह प्रणाली सभी चरणों को रिकॉर्ड करके और दोनों पक्षों के लिए सुलभ बनाकर पारदर्शिता भी बढ़ाती है।
डीआरए के अधिकारियों ने आने वाले महीनों में इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करने की योजना बनाई है, ताकि भारत में डिजिटल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को मानकीकृत किया जा सके।
इस नई प्रणाली के तहत खरीदार और विक्रेता सभी दस्तावेज़, जिसमें ई‑हस्ताक्षर और इलेक्ट्रॉनिक क्यू‑केवाई शामिल हैं, बिना किसी भौतिक उपस्थिति के पूरा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रबंधित की जाती है जो पहचान और दस्तावेज़ों को वास्तविक समय में सत्यापित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम लेन‑देनों के समय को हफ्तों से दिनों तक कम करेगा, कागजी कार्रवाई की लागत घटाएगा और धोखाधड़ी के जोखिम को घटाएगा। यह प्रणाली सभी चरणों को रिकॉर्ड करके और दोनों पक्षों के लिए सुलभ बनाकर पारदर्शिता भी बढ़ाती है।
डीआरए के अधिकारियों ने आने वाले महीनों में इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करने की योजना बनाई है, ताकि भारत में डिजिटल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को मानकीकृत किया जा सके।