📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ComparingQuantities
धर्म
भोपाल के पुराने शहर में डोल ग्यारस का भव्य जुलूस, विविध सांस्कृतिक झलकियों के साथ
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 22 सित. 2026, 07:31 PM
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भोपाल के पुराने शहर में मंगलवार को डोल ग्यारस का भव्य जुलूस निकला, जिसमें राजा‑दूल्हा राजा की प्रतिमाएँ और अहिल्याबाई होल्कर, नीम करोली बाबा, महात्मा गांधी के रूप में सजे कलाकारों ने भीड़ को आकर्षित किया।
मंगलवार को डोल ग्यारस के वार्षिक उत्सव का भव्य जुलूस भोपाल के पुराने शहर की संकरी गलियों में गूंज उठा। जुलूस में राजा और दूल्हा राजा की बड़ी प्रतिमाएँ प्रमुख रूप से निकलीं, जो क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
अहिल्याबाई होल्कर, नीम करोली बाबा और महात्मा गांधी के रूप में सजे कलाकारों ने रंग-बिरंगे पोशाकों और तालबद्ध नृत्य से भीड़ को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके प्रदर्शन को दर्शकों ने उत्साहपूर्वक सराहा।
पुराने शहर की गलियों में इकट्ठा हुई भीड़ में स्थानीय निवासी और आगंतुक दोनों शामिल थे, जो डोल ग्यारस के प्रति अपनी गहरी भावना को दर्शाते थे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल स्थानीय परम्पराओं को उजागर करता है, बल्कि विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच एकता को भी बढ़ावा देता है।
पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों ने ट्रैफ़िक का प्रबंधन किया और पूरे मार्ग पर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की, जिससे जुलूस सुगमता से चल सका।
अहिल्याबाई होल्कर, नीम करोली बाबा और महात्मा गांधी के रूप में सजे कलाकारों ने रंग-बिरंगे पोशाकों और तालबद्ध नृत्य से भीड़ को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके प्रदर्शन को दर्शकों ने उत्साहपूर्वक सराहा।
पुराने शहर की गलियों में इकट्ठा हुई भीड़ में स्थानीय निवासी और आगंतुक दोनों शामिल थे, जो डोल ग्यारस के प्रति अपनी गहरी भावना को दर्शाते थे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल स्थानीय परम्पराओं को उजागर करता है, बल्कि विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच एकता को भी बढ़ावा देता है।
पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों ने ट्रैफ़िक का प्रबंधन किया और पूरे मार्ग पर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की, जिससे जुलूस सुगमता से चल सका।