📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alokjain19883105
धर्म
दीवाली 2026: दीयों के प्रकाश का आध्यात्मिक अर्थ
✍️ India.com
🗓 08 नव. 2026, 06:28 AM
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विशेषज्ञ बताते हैं कि दीवाली में दीयों को जलाना अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है।
दीवाली, प्रकाश का त्यौहार, हर साल अक्टूबर‑नवंबर में मनाया जाता है और 2026 में भी घर‑घर में दीयों की रोशनी से सजा है।
हिन्दू शास्त्रों और विद्वानों के अनुसार, दीया आत्मा के भीतर की रोशनी का प्रतीक है जो अज्ञान के अंधकार को दूर करता है; यह राम के अयोध्या लौटने और लक्ष्मी की पूजा जैसे पौराणिक घटनाओं से भी जुड़ा है।
दीया जलाने को "प्राण" की ऊर्जा को आमंत्रित करने और सकारात्मक वातावरण बनाने के रूप में देखा जाता है; परिवार मिलकर दीयों की कतारें सजाते, प्रार्थना करते और मिठाइयाँ बाँटते हैं, जिससे सामाजिक एकता मजबूत होती है।
आजकल पर्यावरणीय जागरूकता के चलते कई लोग तिल के तेल या एलईडी दीयों का प्रयोग कर रहे हैं, परन्तु आध्यात्मिक अर्थ अपरिवर्तित है।
2026 की दीवाली के आगमन पर धार्मिक गुरुओं ने लोगों से आंतरिक प्रकाश पर ध्यान देने और बाहरी उत्सव के साथ आत्म‑प्रकाश को बढ़ावा देने का आग्रह किया है।
हिन्दू शास्त्रों और विद्वानों के अनुसार, दीया आत्मा के भीतर की रोशनी का प्रतीक है जो अज्ञान के अंधकार को दूर करता है; यह राम के अयोध्या लौटने और लक्ष्मी की पूजा जैसे पौराणिक घटनाओं से भी जुड़ा है।
दीया जलाने को "प्राण" की ऊर्जा को आमंत्रित करने और सकारात्मक वातावरण बनाने के रूप में देखा जाता है; परिवार मिलकर दीयों की कतारें सजाते, प्रार्थना करते और मिठाइयाँ बाँटते हैं, जिससे सामाजिक एकता मजबूत होती है।
आजकल पर्यावरणीय जागरूकता के चलते कई लोग तिल के तेल या एलईडी दीयों का प्रयोग कर रहे हैं, परन्तु आध्यात्मिक अर्थ अपरिवर्तित है।
2026 की दीवाली के आगमन पर धार्मिक गुरुओं ने लोगों से आंतरिक प्रकाश पर ध्यान देने और बाहरी उत्सव के साथ आत्म‑प्रकाश को बढ़ावा देने का आग्रह किया है।