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09 नव. 2026•
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बिहार के जमुई में नाबालिगों पर डिजिटल दुरुपयोग से शारीरिक हिंसा में बढ़ोतरी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
अपराध

बिहार के जमुई में नाबालिगों पर डिजिटल दुरुपयोग से शारीरिक हिंसा में बढ़ोतरी

✍️ India Today 🗓 23 सित. 2026, 09:36 PM 👁 59
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रिपोर्टों में बताया गया है कि बिहार के जमुई में नाबालिगों को डिजिटल उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शारीरिक दुरुपयोग बढ़ रहा है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट ने बिहार के जमुई में नाबालिगों के खिलाफ हो रहे दुर्व्यवहार की एक चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जिले के बच्चों को डिजिटल हमले का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पहले से चल रहे शारीरिक दुरुपयोग में और वृद्धि हो रही है।

डिजिटल दुरुपयोग में स्मार्टफोन और इंटरनेट प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके बच्चों को परेशान, धमकाया या शोषित किया जा रहा है, जिससे शारीरिक हिंसा के प्रभाव और गहराते जा रहे हैं। बाल कल्याण अधिकारी और स्थानीय प्राधिकरण इस दोहरी समस्या से अवगत कराए गए हैं, जिससे हस्तक्षेप की प्रक्रिया जटिल हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दुरुपयोग का मिलन बच्चों के लिए भय का एक व्यापक माहौल बनाता है, जिससे पहचान और सुरक्षा दोनों कठिन हो जाते हैं। रिपोर्ट में इस बात पर बल दिया गया है कि पुलिस, साइबरक्राइम यूनिट और बाल संरक्षण सेवाओं के बीच समन्वित कार्रवाई आवश्यक है।

हिंसाकारों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है, पर यह घटना मौजूदा बाल संरक्षण कानूनों के कड़ाई से लागू करने और माता‑पिता व शिक्षकों को डिजिटल शोषण के जोखिमों के बारे में जागरूक करने की मांग को बढ़ा रही है।

जमुई में यह मामला तकनीकी और बाल दुरुपयोग के संगम पर राष्ट्रीय स्तर पर उठते चिंताओं को दर्शाता है, जिससे नीति निर्माताओं को क़ानूनी ढाँचे और रोकथाम उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
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