📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dsrprj
धर्म
धीरेंद्र शास्त्री ने मंदिरों में VIP प्रवेश पर किया बड़ा बयान
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 अग. 2026, 09:02 PM
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पूर्व सांसद धीरेंद्र शास्त्री ने मंदिरों में VIP प्रवेश पर कड़ा बयान दिया, इसे धार्मिक पवित्रता का उल्लंघन बताया।
पूर्व सांसद धीरेंद्र शास्त्री ने आज मंच पर मंदिरों में VIPs को विशेष प्रवेश देने की प्रथा पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ऐसी विशेषाधिकार धार्मिक स्थानों की पवित्रता को कम करते हैं और भक्ति करने वालों के बीच असमानता पैदा करते हैं। शास्त्री ने सख्त नियमों के प्रवर्तन की मांग की और मंदिर प्राधिकरणों से सभी भक्तों के साथ समान व्यवहार करने का आग्रह किया।
यह बयान बागेश्वर के एक स्थानीय सामुदायिक केंद्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया। शास्त्री ने ज़ोर दिया कि मंदिरों को भक्ति के स्थान के रूप में बना रहना चाहिए, न कि राजनीतिक या सामाजिक पक्षपात के मंच के रूप में।
देखे जाने वाले लोग इस टिप्पणी को धार्मिक संस्थानों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका पर बढ़ती सार्वजनिक जांच के बीच देखते हैं। शास्त्री के बयानों से विधायकों और मंदिर प्रबंधन निकायों के बीच बहस की संभावना है।
मंदिर अधिकारियों ने अभी तक इस आलोचना पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर कुछ ने अपनी प्रवेश प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की इच्छा व्यक्त की है।
यह मुद्दा भारत में धर्म और राज्य के बीच विभाजन पर व्यापक बहस को उजागर करता है, जहाँ कई लोग मंदिर प्रशासन में अधिक पारदर्शिता और समानता की मांग करते हैं।
यह बयान बागेश्वर के एक स्थानीय सामुदायिक केंद्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया। शास्त्री ने ज़ोर दिया कि मंदिरों को भक्ति के स्थान के रूप में बना रहना चाहिए, न कि राजनीतिक या सामाजिक पक्षपात के मंच के रूप में।
देखे जाने वाले लोग इस टिप्पणी को धार्मिक संस्थानों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका पर बढ़ती सार्वजनिक जांच के बीच देखते हैं। शास्त्री के बयानों से विधायकों और मंदिर प्रबंधन निकायों के बीच बहस की संभावना है।
मंदिर अधिकारियों ने अभी तक इस आलोचना पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर कुछ ने अपनी प्रवेश प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की इच्छा व्यक्त की है।
यह मुद्दा भारत में धर्म और राज्य के बीच विभाजन पर व्यापक बहस को उजागर करता है, जहाँ कई लोग मंदिर प्रशासन में अधिक पारदर्शिता और समानता की मांग करते हैं।