📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
मनोरंजन
धनुष ने राष्ट्रीय पुरस्कार विवाद पर जवाब दिया, अजीत कुमार की मशहूर पंक्ति के साथ
✍️ WION
🗓 27 जुल. 2026, 04:02 AM
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कलाकार धनुष ने राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार पर उठे विवाद का सामना करते हुए अजीत कुमार की मशहूर पंक्ति का सहारा लिया।
कलाकार धनुष ने राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उठे विवाद पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। अपने पोस्ट में उन्होंने अजीत कुमार की मशहूर पंक्ति "अगर तुम बुरे हो, तो मैं तुम्हारा पिता हूँ" का हवाला दिया, ताकि अपनी भूमिका पर विश्वास जताया जा सके।
धनुष ने बताया कि आलोचना का कारण जूरी के चयन और दर्शकों की राय के बीच असंगति थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका काम कहानी कहने के प्रति समर्पण पर आधारित था, न कि लोकप्रियता पर।
उनके बयान को प्रशंसकों और आलोचकों दोनों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली। कुछ ने उनकी बहादुरी की सराहना की, जबकि अन्य ने राष्ट्रीय पुरस्कारों के मानदंडों पर अधिक रचनात्मक संवाद की मांग की।
यह विवाद भारतीय फ़िल्म उद्योग में राष्ट्रीय मान्यताओं के चयन मानदंडों और दर्शक प्रतिक्रिया की भूमिका पर चल रही तनावों को उजागर करता है।
धनुष ने बताया कि आलोचना का कारण जूरी के चयन और दर्शकों की राय के बीच असंगति थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका काम कहानी कहने के प्रति समर्पण पर आधारित था, न कि लोकप्रियता पर।
उनके बयान को प्रशंसकों और आलोचकों दोनों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली। कुछ ने उनकी बहादुरी की सराहना की, जबकि अन्य ने राष्ट्रीय पुरस्कारों के मानदंडों पर अधिक रचनात्मक संवाद की मांग की।
यह विवाद भारतीय फ़िल्म उद्योग में राष्ट्रीय मान्यताओं के चयन मानदंडों और दर्शक प्रतिक्रिया की भूमिका पर चल रही तनावों को उजागर करता है।