📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ASI (1896)
धर्म
पनारी चौसठ योगिनी धाम में मन्नत पूरी होने पर भक्त बांधते हैं घंटा
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 11 अक्टू. 2026, 07:16 AM
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मध्य प्रदेश के सागर जिले के पनारी गांव में स्थित चौसठ योगिनी धाम में भक्त बरगद के पेड़ को मातृ स्वरूप मानते हैं और मन्नत पूरी होने पर उसकी शाखाओं पर घंटा बांधते हैं।
पनारी गाँव, सागर जिले में स्थित चौसठ योगिनी धाम में एक विशाल बरगद का पेड़ है, जिसकी जड़ों को मातृ स्वरूप मानकर पीढ़ियों से पूजा की जाती है। इस पेड़ को देवी का अवतार माना जाता है और इसकी छत्रछाया में अनुष्ठान आयोजित होते हैं।
भक्त अपनी मन्नतें लेकर यहाँ आते हैं; मन्नत पूरी होने पर वे पेड़ की शाखाओं पर छोटे‑छोटे घंटे बांधते हैं। माना जाता है कि घंटों की ध्वनि देवी की कृपा को पूरे क्षेत्र में प्रसारित करती है।
यह अनूठा रीति‑रिवाज स्थानीय भक्तों और दूर‑दूर से आने वाले यात्रियों दोनों को आकर्षित करता है, जिससे धाम एक विशेष आध्यात्मिक स्थल बन गया है। बरगद के पेड़ की देखभाल एक समिति करती है, जिससे पेड़ स्वस्थ रहे और पूजा स्थल व्यवस्थित रहे।
स्थानीय प्रशासन ने बढ़ते यात्रियों की संख्या को नोट किया है, पर सुरक्षा संबंधी कोई समस्या नहीं बताई गई। यह परम्परा समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करती है और प्रकृति‑आधारित देवताओं के प्रति श्रद्धा को जीवित रखती है।
भक्त अपनी मन्नतें लेकर यहाँ आते हैं; मन्नत पूरी होने पर वे पेड़ की शाखाओं पर छोटे‑छोटे घंटे बांधते हैं। माना जाता है कि घंटों की ध्वनि देवी की कृपा को पूरे क्षेत्र में प्रसारित करती है।
यह अनूठा रीति‑रिवाज स्थानीय भक्तों और दूर‑दूर से आने वाले यात्रियों दोनों को आकर्षित करता है, जिससे धाम एक विशेष आध्यात्मिक स्थल बन गया है। बरगद के पेड़ की देखभाल एक समिति करती है, जिससे पेड़ स्वस्थ रहे और पूजा स्थल व्यवस्थित रहे।
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