📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Cockroach janta party
राजनीति
देवोलिना भट्टाचार्य ने कहा, सोनम वांगचुक का विरोधाभास खो रहा है
✍️ Mid-day
🗓 22 जुल. 2026, 07:02 AM
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अभिनेत्री देवोलिना भट्टाचार्य ने सोनम वांगचुक के कारण‑आधारित विरोध को उसके मूल उद्देश्य से भटकते हुए बताया और कहा कि भारत नेपाल नहीं है।
अभिनेत्री देवोलिना भट्टाचार्य ने सार्वजनिक मंच पर सोनम वांगचुक के विरोधाभास की दिशा पर अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन, जो एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ शुरू हुआ था, अब अपने मूल लक्ष्य से भटक रहा है।
वांगचुक, जो पूर्व भारतीय सेना के अधिकारी हैं, लद्दाख क्षेत्र के अधिकारों और स्वायत्तता के लिए अभियान चला रहे हैं। उनका विरोधाभास राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है और इसे एक कारण‑आधारित आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
भट्टाचार्य ने अपने बयानों में जोर दिया कि विरोधाभास को नेपाल से संबंधित मुद्दों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए, यह बताते हुए कि भारत का अपना अलग राजनीतिक और प्रशासनिक संदर्भ है। उन्होंने चेतावनी दी कि मूल उद्देश्य से हटने से विरोधाभास का प्रभाव कम हो सकता है।
उन्हें आशा है कि प्रतिभागी और समर्थक आंदोलन के मुख्य लक्ष्यों पर लौटें और यह सुनिश्चित करें कि विरोधाभास अपने बताए गए उद्देश्यों पर आधारित रहे, न कि असंबंधित क्षेत्रों की ओर विचलित हो।
वांगचुक, जो पूर्व भारतीय सेना के अधिकारी हैं, लद्दाख क्षेत्र के अधिकारों और स्वायत्तता के लिए अभियान चला रहे हैं। उनका विरोधाभास राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है और इसे एक कारण‑आधारित आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
भट्टाचार्य ने अपने बयानों में जोर दिया कि विरोधाभास को नेपाल से संबंधित मुद्दों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए, यह बताते हुए कि भारत का अपना अलग राजनीतिक और प्रशासनिक संदर्भ है। उन्होंने चेतावनी दी कि मूल उद्देश्य से हटने से विरोधाभास का प्रभाव कम हो सकता है।
उन्हें आशा है कि प्रतिभागी और समर्थक आंदोलन के मुख्य लक्ष्यों पर लौटें और यह सुनिश्चित करें कि विरोधाभास अपने बताए गए उद्देश्यों पर आधारित रहे, न कि असंबंधित क्षेत्रों की ओर विचलित हो।