📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Devkanya
मनोरंजन
देवकन्या ठाकुर का कहना: बॉलीवुड ही सिनेमा नहीं है
✍️ The Tribune
🗓 25 सित. 2026, 09:17 AM
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फ़िल्म विद्वान देवकन्या ठाकुर ने कहा कि केवल बॉलीवुड को ही भारतीय सिनेमा नहीं माना जा सकता, देश की विविध क्षेत्रीय फ़िल्मों को उजागर किया।
प्रसिद्ध फ़िल्म टिप्पणीकार देवकन्या ठाकुर ने कहा कि भारतीय फ़िल्म जगत केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं है। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि केवल हिंदी‑भाषी व्यावसायिक उद्योग को सिनेमा मानना, मलयालम, बंगाली, तमिल और मराठी जैसी क्षेत्रीय फ़िल्मों की समृद्ध कहानी‑परंपराओं को नज़रअंदाज़ करता है।
ठाकुर ने बताया कि इन क्षेत्रीय फ़िल्मों के कई प्रशंसित कार्यों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता और पुरस्कार मिले हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि गुणवत्ता‑पूर्ण सिनेमा भाषा और संस्कृति की सीमाओं से परे फल‑फूल रहा है। उन्होंने दर्शकों और नीति निर्माताओं से आग्रह किया कि वे भारतीय सिनेमा की व्यापक परिभाषा को अपनाएँ, जिसमें इन विविध आवाज़ों को शामिल किया जाए।
यह टिप्पणी उन बहसों के बीच आई है, जहाँ भारतीय फ़िल्मों की वैश्विक छवि को लेकर चर्चा तेज़ हो रही है, और उद्योग के नेताओं ने स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और फ़िल्म महोत्सवों में गैर‑बॉलीवुड निर्माताओं की दृश्यता बढ़ाने की मांग की है।
ठाकुर ने बताया कि इन क्षेत्रीय फ़िल्मों के कई प्रशंसित कार्यों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता और पुरस्कार मिले हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि गुणवत्ता‑पूर्ण सिनेमा भाषा और संस्कृति की सीमाओं से परे फल‑फूल रहा है। उन्होंने दर्शकों और नीति निर्माताओं से आग्रह किया कि वे भारतीय सिनेमा की व्यापक परिभाषा को अपनाएँ, जिसमें इन विविध आवाज़ों को शामिल किया जाए।
यह टिप्पणी उन बहसों के बीच आई है, जहाँ भारतीय फ़िल्मों की वैश्विक छवि को लेकर चर्चा तेज़ हो रही है, और उद्योग के नेताओं ने स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और फ़िल्म महोत्सवों में गैर‑बॉलीवुड निर्माताओं की दृश्यता बढ़ाने की मांग की है।