📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Science and Technology
मौसम
दिल्ली में नई GRAP नियम, अक्टूबर 2026 से AQI के आधार पर वाहन प्रवेश पर प्रतिबंध
✍️ Livemint
🗓 08 अक्टू. 2026, 11:36 PM
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अक्टूबर 2026 से दिल्ली और एनसीआर में नई GRAP दिशानिर्देश लागू होंगे, जो AQI के आधार पर वाहन प्रवेश को सीमित करेंगे और दैनिक अपडेट ऑनलाइन उपलब्ध कराएंगे।
दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को अक्टूबर 2026 से पुनः व्यवस्थित किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सीधे यह तय करेगा कि दिल्ली और एनसीआर के सड़कों पर कितनी निजी गाड़ियां रोज़ाना प्रवेश कर सकेंगी।
परिवर्तित नियम AQI के विभिन्न बैंड को ट्रैफ़िक प्रतिबंधों से जोड़ते हैं, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ने पर वाहन प्रवेश पर कड़ी रोक लगाई जाएगी। जब AQI एक निर्धारित सीमा से ऊपर जाता है, तो शहर में प्रवेश करने वाली कारों की संख्या घटा दी जाएगी, जिसका उद्देश्य धुंध के चरम समय में उत्सर्जन को कम करना है।
प्राधिकरण ने आधिकारिक दिल्ली सरकार पोर्टल पर एक रीयल‑टाइम डैशबोर्ड स्थापित किया है, जहाँ यात्रियों को वर्तमान AQI और लागू वाहन‑प्रवेश नियमों की जानकारी मिल सकेगी। यह जानकारी प्रमुख समाचार साइटों, जैसे Livemint, पर भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो सके।
यह कदम मौसमी प्रदूषण चेतावनियों के बाद उठाया गया है और मौजूदा उपायों जैसे ऑड‑इवन स्कीम और डीजल वाहन प्रतिबंध को पूरक करेगा। अधिकारियों का कहना है कि डेटा‑आधारित यह दृष्टिकोण बदलते वायु‑गुणवत्ता स्थितियों के प्रति अधिक लचीला प्रतिक्रिया प्रदान करेगा।
परिवहन संघों और पर्यावरण समूहों सहित सभी हितधारकों को नियमों के लागू होने से पहले सार्वजनिक परामर्श चरण में अपनी राय देने के लिए आमंत्रित किया गया है।
परिवर्तित नियम AQI के विभिन्न बैंड को ट्रैफ़िक प्रतिबंधों से जोड़ते हैं, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ने पर वाहन प्रवेश पर कड़ी रोक लगाई जाएगी। जब AQI एक निर्धारित सीमा से ऊपर जाता है, तो शहर में प्रवेश करने वाली कारों की संख्या घटा दी जाएगी, जिसका उद्देश्य धुंध के चरम समय में उत्सर्जन को कम करना है।
प्राधिकरण ने आधिकारिक दिल्ली सरकार पोर्टल पर एक रीयल‑टाइम डैशबोर्ड स्थापित किया है, जहाँ यात्रियों को वर्तमान AQI और लागू वाहन‑प्रवेश नियमों की जानकारी मिल सकेगी। यह जानकारी प्रमुख समाचार साइटों, जैसे Livemint, पर भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो सके।
यह कदम मौसमी प्रदूषण चेतावनियों के बाद उठाया गया है और मौजूदा उपायों जैसे ऑड‑इवन स्कीम और डीजल वाहन प्रतिबंध को पूरक करेगा। अधिकारियों का कहना है कि डेटा‑आधारित यह दृष्टिकोण बदलते वायु‑गुणवत्ता स्थितियों के प्रति अधिक लचीला प्रतिक्रिया प्रदान करेगा।
परिवहन संघों और पर्यावरण समूहों सहित सभी हितधारकों को नियमों के लागू होने से पहले सार्वजनिक परामर्श चरण में अपनी राय देने के लिए आमंत्रित किया गया है।