📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / HWF India
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दिल्ली‑गुहाती बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी, स्टेशन सूची व यात्रा समय का खुलासा
✍️ The Indian Express
🗓 02 नव. 2026, 03:16 AM
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सरकार ने दिल्ली‑गुहाती हाई‑स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी दी, और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित स्टेशनों व अनुमानित यात्रा समय की जानकारी दी।
केंद्रीय सरकार ने दिल्ली‑गुहाती बुलेट‑ट्रेन कॉरिडोर को औपचारिक रूप से मंजूरी दी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को पूर्वोत्तर के प्रमुख शहर से हाई‑स्पीड रेल के माध्यम से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में इस निर्णय की घोषणा की और इस परियोजना के क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में योगदान पर बल दिया।
मंत्री ने मार्ग के साथ स्थित प्रमुख शहरों को कवर करने वाली संभावित स्टेशनों की सूची जारी की, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के बड़े शहरी केंद्र शामिल हैं। सटीक क्रम अभी योजना चरण में है, पर इन हबों को शामिल करके यात्रियों की पहुंच बढ़ाने और मौजूदा रेलवे नेटवर्क के साथ एकीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कुल यात्रा समय का अनुमान भी बताया, यह कहा कि हाई‑स्पीड सेवा वर्तमान सामान्य ट्रेनों की तुलना में यात्रा को काफी कम समय में पूरा कर सकेगी, जिससे इंटर‑सिटी यात्रा तेज़ और हवाई यात्रा के प्रतिस्पर्धी बन जाएगी।
परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा; विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट, भूमि अधिग्रहण और वित्तीय व्यवस्था आने वाले महीनों में तैयार की जाएगी। अधिकारियों का लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू करना और शुरुआती 2030 के दशक में संचालन शुरू करना है।
मंत्री ने मार्ग के साथ स्थित प्रमुख शहरों को कवर करने वाली संभावित स्टेशनों की सूची जारी की, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के बड़े शहरी केंद्र शामिल हैं। सटीक क्रम अभी योजना चरण में है, पर इन हबों को शामिल करके यात्रियों की पहुंच बढ़ाने और मौजूदा रेलवे नेटवर्क के साथ एकीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कुल यात्रा समय का अनुमान भी बताया, यह कहा कि हाई‑स्पीड सेवा वर्तमान सामान्य ट्रेनों की तुलना में यात्रा को काफी कम समय में पूरा कर सकेगी, जिससे इंटर‑सिटी यात्रा तेज़ और हवाई यात्रा के प्रतिस्पर्धी बन जाएगी।
परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा; विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट, भूमि अधिग्रहण और वित्तीय व्यवस्था आने वाले महीनों में तैयार की जाएगी। अधिकारियों का लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू करना और शुरुआती 2030 के दशक में संचालन शुरू करना है।