📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
स्वास्थ्य
दिल्ली के निजी अस्पताल संचालकों ने सरकार के साथ बातचीत के बाद 1,000 एंबुलेंस विरोध रद्द किया
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 08 अक्टू. 2026, 06:15 PM
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सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद दिल्ली के निजी अस्पताल संचालकों ने 1,000 एंबुलेंस के विरोध को स्थगित कर दिया, साथ ही 8 अक्टूबर से आयुष्मान मरीजों की भर्ती रोकने और भुगतान की गारंटी की पुष्टि की।
दिल्ली के निजी अस्पताल संचालकों ने 1,000 एंबुलेंस के बड़े पैमाने पर विरोध का इरादा जताया था, ताकि वे सरकार से बकाया भुगतान और नीतिगत मुद्दों को लेकर दबाव बना सकें। यह प्रदर्शन 8 अक्टूबर के बाद शुरू होने वाला था, उसी समय जब अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों की भर्ती रोकने की योजना बना रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकों के बाद, अस्पताल संचालकों ने इस समय के लिए एंबुलेंस विरोध को स्थगित करने का फैसला किया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इन वार्ताओं में निजी क्षेत्र की तत्काल चिंताओं को सुना गया और बकाया राशि को शीघ्र साफ़ करने का आश्वासन दिया गया।
अस्पतालों ने 8 अक्टूबर से आयुष्मान लाभार्थियों की भर्ती रोकने की अपनी योजना को फिर भी जारी रखने का उल्लेख किया, लेकिन नई भुगतान गारंटी को देखते हुए इस कदम की पुनः समीक्षा की जाएगी। एंबुलेंस विरोध के स्थगन से राजधानी में ट्रैफ़िक जाम कम होगा और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव घटेगा।
दोनों पक्ष के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समाधान अस्थायी है और आयुष्मान योजना के सुचारु संचालन तथा निजी अस्पतालों की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी चर्चा जारी रहेगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकों के बाद, अस्पताल संचालकों ने इस समय के लिए एंबुलेंस विरोध को स्थगित करने का फैसला किया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि इन वार्ताओं में निजी क्षेत्र की तत्काल चिंताओं को सुना गया और बकाया राशि को शीघ्र साफ़ करने का आश्वासन दिया गया।
अस्पतालों ने 8 अक्टूबर से आयुष्मान लाभार्थियों की भर्ती रोकने की अपनी योजना को फिर भी जारी रखने का उल्लेख किया, लेकिन नई भुगतान गारंटी को देखते हुए इस कदम की पुनः समीक्षा की जाएगी। एंबुलेंस विरोध के स्थगन से राजधानी में ट्रैफ़िक जाम कम होगा और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव घटेगा।
दोनों पक्ष के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समाधान अस्थायी है और आयुष्मान योजना के सुचारु संचालन तथा निजी अस्पतालों की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी चर्चा जारी रहेगी।