📷 चित्र स्रोत: TOI City (via NewsData)
राजनीति
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक को हिरासत में लिया, अधिकारों का उल्लंघन
✍️ TOI City
🗓 12 अक्टू. 2026, 11:29 AM
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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उनकी हिरासत के दौरान उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया, उन्हें वकील व परिवार से संपर्क करने से वंचित किया और अजीब समय पर माता-पिता से बात करने को कहा। वे पूरी वीडियो जारी करने की मांग कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके को हाल ही में दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। डिपके के अनुसार, पुलिस ने उन्हें वकील से संपर्क करने से वंचित किया और गिरफ्तारी के दौरान परिवार से बात करने की अनुमति नहीं दी।
डिपके ने आगे दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें अनियमित समय पर अपने माता‑पिता से बात करने के लिए कहा, जिससे उनकी असुविधा बढ़ गई। उन्होंने हिरासत की पूरी वीडियो फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
इस घटना ने भारतीय कानून के तहत हिरासत में लिए जाने वाले व्यक्तियों के अधिकारों और प्रक्रियात्मक अनुशासन पर सवाल उठाए हैं। डिपके के दावों की वर्तमान में कानूनी अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जा रही है।
अभी तक दिल्ली पुलिस ने हिरासत की परिस्थितियों या आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। मामला जांच के अधीन है, और डिपके आगे के कानूनी कार्यवाही का इंतजार कर रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह स्थिति कानून प्रवर्तन कार्यों में पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करती है, खासकर जब राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़ी हो।
डिपके ने आगे दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें अनियमित समय पर अपने माता‑पिता से बात करने के लिए कहा, जिससे उनकी असुविधा बढ़ गई। उन्होंने हिरासत की पूरी वीडियो फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
इस घटना ने भारतीय कानून के तहत हिरासत में लिए जाने वाले व्यक्तियों के अधिकारों और प्रक्रियात्मक अनुशासन पर सवाल उठाए हैं। डिपके के दावों की वर्तमान में कानूनी अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जा रही है।
अभी तक दिल्ली पुलिस ने हिरासत की परिस्थितियों या आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। मामला जांच के अधीन है, और डिपके आगे के कानूनी कार्यवाही का इंतजार कर रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह स्थिति कानून प्रवर्तन कार्यों में पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करती है, खासकर जब राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़ी हो।