📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Govt. of India
अपराध
दिल्ली पुलिस ने बंगाल से लाकर महिलाओं को कोठे में बेचने वाले गैंग को ध्वस्त किया
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 31 अग. 2026, 09:40 PM
👁 17
दिल्ली पुलिस ने बंगाल से महिलाओं को कोठे में बेचने वाले तस्करी नेटवर्क को उजागर कर कई गिरफ़्तारियों के साथ पीड़ितों को बचाया।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया कि उन्होंने एक गैंग को ध्वस्त कर दिया है जो पश्चिम बंगाल से महिलाओं को लाकर दिल्ली के एक कोठे में बेचता था। स्थानीय NGOs की शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच ने एक किराए के घर को उजागर किया, जहाँ पीड़ितों को जबरन वेश्यावृत्ति में धकेला जा रहा था।
समान्यतापूर्ण छापेमारी में पुलिस ने आठ महिलाओं को बचाया, जो सभी पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से थीं, और पाँच मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इन पर मानव तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति और षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं और उन्हें ‘अश्लीलता (रोकथाम) अधिनियम’ के तहत हिरासत में रखा गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई महीनों की निगरानी, फोन नंबरों और वित्तीय लेन‑देन की डिजिटल ट्रैकिंग के बाद संभव हुई। बचाई गई महिलाओं को सरकारी शरणस्थल में चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है, और पुलिस ने आगे के सहयोगियों की तलाश जारी रखने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि वे अंतरराज्यीय प्रवास का शोषण करने वाले अन्य तस्करी मार्गों पर नजर रखेंगे और जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने को कहा। यह मामला शहरी केंद्रों में मानव तस्करी से लड़ने की चुनौती को उजागर करता है।
समान्यतापूर्ण छापेमारी में पुलिस ने आठ महिलाओं को बचाया, जो सभी पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से थीं, और पाँच मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इन पर मानव तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति और षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं और उन्हें ‘अश्लीलता (रोकथाम) अधिनियम’ के तहत हिरासत में रखा गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई महीनों की निगरानी, फोन नंबरों और वित्तीय लेन‑देन की डिजिटल ट्रैकिंग के बाद संभव हुई। बचाई गई महिलाओं को सरकारी शरणस्थल में चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है, और पुलिस ने आगे के सहयोगियों की तलाश जारी रखने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि वे अंतरराज्यीय प्रवास का शोषण करने वाले अन्य तस्करी मार्गों पर नजर रखेंगे और जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने को कहा। यह मामला शहरी केंद्रों में मानव तस्करी से लड़ने की चुनौती को उजागर करता है।