📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bill william compton
शिक्षा
दिल्ली के कॉलेजों के पास पीजी किराया बन गया मुनाफ़े का कारोबार
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 सित. 2026, 03:33 PM
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हॉस्टल की सीटें कम और बाहरी छात्रों की संख्या बढ़ने से, दिल्ली के कॉलेज‑कैंपस के पास पीजी अब मुनाफ़े के कारोबार बन रहे हैं।
दिल्ली के कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी के कारण हॉस्टल की सीमित सीटें काफी दबाव में हैं। कई बाहरी छात्रों को कैंपस के बाहर रहने के विकल्प खोजने पड़ते हैं।
इसी अवसर का फायदा उठाते हुए, कॉलेजों के निकट स्थित कई निजी पीजी मालिक अब किराए को बढ़ाकर लाभ कमाने पर ध्यान दे रहे हैं। पहले किफायती रहने वाले कमरे अब अधिक कीमतों पर किराए पर दिए जा रहे हैं, जिससे यह व्यवसायिक रूप ले रहा है।
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की किराया वृद्धि छात्रों की आर्थिक स्थिति को और कठिन बना सकती है, क्योंकि उन्हें ट्यूशन और अन्य खर्चों के साथ-साथ बढ़ते रहने के खर्च भी वहन करने पड़ते हैं। अधिकारियों से अनुरोध है कि वे इस बाजार की निगरानी करें और किफायती हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार करने के उपाय खोजें।
इसी अवसर का फायदा उठाते हुए, कॉलेजों के निकट स्थित कई निजी पीजी मालिक अब किराए को बढ़ाकर लाभ कमाने पर ध्यान दे रहे हैं। पहले किफायती रहने वाले कमरे अब अधिक कीमतों पर किराए पर दिए जा रहे हैं, जिससे यह व्यवसायिक रूप ले रहा है।
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की किराया वृद्धि छात्रों की आर्थिक स्थिति को और कठिन बना सकती है, क्योंकि उन्हें ट्यूशन और अन्य खर्चों के साथ-साथ बढ़ते रहने के खर्च भी वहन करने पड़ते हैं। अधिकारियों से अनुरोध है कि वे इस बाजार की निगरानी करें और किफायती हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार करने के उपाय खोजें।