📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nikhil B
धर्म
दिल्ली एमसीडी ने पार्क बुकिंग नियम बदले, पाँच साल से चल रहे धार्मिक आयोजनों को अनुमति
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 29 सित. 2026, 05:16 AM
👁 17
दिल्ली नगर निगम ने पार्क बुकिंग नीति में बदलाव किया, अब पाँच साल से चल रहे धार्मिक कार्यक्रमों को अनुमति दी जाएगी।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने पार्क बुकिंग नियमों में बदलाव किया है, जिसमें पूजा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई नीति के तहत, उन पार्कों को जहाँ पिछले पाँच वर्षों से धार्मिक आयोजन होते आ रहे हैं, अब समान कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी।
यह परिवर्तन उन समुदायों के लिए अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से किया गया है, जो नियमित रूप से इन हरित क्षेत्रों का उपयोग पूजा‑अर्चना के लिये करते हैं। एमसीडी ने कहा कि यह बदलाव नए स्थानों पर लागू नहीं होगा; केवल उन पार्कों को ही पात्र माना जाएगा जिनमें पाँच साल की धार्मिक गतिविधियों का रिकॉर्ड हो।
स्थानीय निवासी कल्याण संघों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि इससे अनुमति प्राप्त करने में अस्पष्टता कम होगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्वीकृत कार्यक्रमों में सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़‑प्रबंधन के मानक अनिवार्य रहेंगे।
नए नियम तुरंत प्रभावी हो रहे हैं, और पार्क प्रबंधकों को अनुमति देने से पहले पाँच साल की उपयोगिता की पुष्टि करनी होगी। एमसीडी निगरानी रखेगा और यदि आवश्यक हुआ तो नीति की पुनः समीक्षा करेगा।
यह कदम दिल्ली की विविध सांस्कृतिक और धार्मिक परम्पराओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थानों के प्रबंधन और उपयोग के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास है।
यह परिवर्तन उन समुदायों के लिए अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से किया गया है, जो नियमित रूप से इन हरित क्षेत्रों का उपयोग पूजा‑अर्चना के लिये करते हैं। एमसीडी ने कहा कि यह बदलाव नए स्थानों पर लागू नहीं होगा; केवल उन पार्कों को ही पात्र माना जाएगा जिनमें पाँच साल की धार्मिक गतिविधियों का रिकॉर्ड हो।
स्थानीय निवासी कल्याण संघों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि इससे अनुमति प्राप्त करने में अस्पष्टता कम होगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्वीकृत कार्यक्रमों में सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़‑प्रबंधन के मानक अनिवार्य रहेंगे।
नए नियम तुरंत प्रभावी हो रहे हैं, और पार्क प्रबंधकों को अनुमति देने से पहले पाँच साल की उपयोगिता की पुष्टि करनी होगी। एमसीडी निगरानी रखेगा और यदि आवश्यक हुआ तो नीति की पुनः समीक्षा करेगा।
यह कदम दिल्ली की विविध सांस्कृतिक और धार्मिक परम्पराओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थानों के प्रबंधन और उपयोग के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास है।