📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Science and Technology
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दिल्ली ने नई GRAP नियम लागू किए: अक्टूबर 2026 में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, ईवी कार बैन दिशानिर्देश
✍️ Livemint
🗓 06 अक्टू. 2026, 05:33 AM
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दिल्ली ने अक्टूबर 2026 से नई GRAP नियम लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारों के लिए अलग-अलग बैन समय निर्धारित किए जाएंगे।
दिल्ली के यातायात विभाग ने अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले GRAP (सामान्य सड़क यातायात नियम) के एक संशोधित सेट की घोषणा की है। नई दिशानिर्देशों के तहत पेट्रोल, डीजल, संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए अलग-अलग बैन दिन निर्धारित किए गए हैं। यह नियम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भीड़भाड़ कम करने और प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से बनाया गया है।
नए नियम के अनुसार, पेट्रोल से चलने वाली कारें हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को बैन होंगी, जबकि डीजल कारें दूसरे और चौथे शनिवार को प्रतिबंधित होंगी। CNG कारें पहले और तीसरे रविवार को बैन होंगी, और EVs दूसरे और चौथे रविवार को प्रतिबंधित रहेंगे। यह नियम सभी निजी वाहनों, जिसमें दो‑पहिया और तीन‑पहिया वाहन भी शामिल हैं, पर लागू होता है।
दिल्ली परिवहन विभाग ने कहा है कि नया समय सारिणी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा और जनता को विभिन्न माध्यमों से सूचित किया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन बैन दिनों को ध्यान में रखें और वैकल्पिक परिवहन विकल्पों पर विचार करें।
यह कदम भारतीय शहरों में वाहन‑आधारित प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने के बढ़ते रुझान का हिस्सा है। मुंबई और बेंगलुरु में इसी तरह के प्रतिबंधों का पायलट परीक्षण किया गया है, जिनके परिणामों में यातायात प्रवाह और उत्सर्जन पर मिश्रित प्रभाव दिखे हैं।
नए नियम के अनुसार, पेट्रोल से चलने वाली कारें हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को बैन होंगी, जबकि डीजल कारें दूसरे और चौथे शनिवार को प्रतिबंधित होंगी। CNG कारें पहले और तीसरे रविवार को बैन होंगी, और EVs दूसरे और चौथे रविवार को प्रतिबंधित रहेंगे। यह नियम सभी निजी वाहनों, जिसमें दो‑पहिया और तीन‑पहिया वाहन भी शामिल हैं, पर लागू होता है।
दिल्ली परिवहन विभाग ने कहा है कि नया समय सारिणी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा और जनता को विभिन्न माध्यमों से सूचित किया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन बैन दिनों को ध्यान में रखें और वैकल्पिक परिवहन विकल्पों पर विचार करें।
यह कदम भारतीय शहरों में वाहन‑आधारित प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने के बढ़ते रुझान का हिस्सा है। मुंबई और बेंगलुरु में इसी तरह के प्रतिबंधों का पायलट परीक्षण किया गया है, जिनके परिणामों में यातायात प्रवाह और उत्सर्जन पर मिश्रित प्रभाव दिखे हैं।