📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kamlesh.legalaid
अपराध
दिल्ली उच्च न्यायालय ने पत्रिका लीक मामले में पूर्व IAS अधिकारी को जमानत से वंचित किया
✍️ The Indian Express
🗓 07 अग. 2026, 01:03 PM
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व IAS अधिकारी की जमानत के याचिका को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि दस्तावेज़ लीक करना "हत्याहीन से भी अधिक घृणित" है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व IAS अधिकारी की जमानत के याचिका को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि दस्तावेज़ लीक करना "हत्याहीन से भी अधिक घृणित" है।
यह मामला संवेदनशील सरकारी दस्तावेज़ों के अनधिकृत प्रकटीकरण पर आधारित है, जिन्हें आंतरिक उपयोग के लिए तैयार किया गया था। इन दस्तावेज़ों को प्रेस के साथ साझा किया गया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक प्रशासन की अखंडता पर सवाल उठे।
न्यायालय के आदेश में, न्यायाधीश ने बताया कि इस तरह की लीक से सार्वजनिक विश्वास पर गहरा असर पड़ सकता है और चल रहे जांचों में बाधा आ सकती है। इसलिए आरोपी को हिरासत में रखना आवश्यक माना गया।
अभियोक्ता ने जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे बिना सुनवाई के खारिज कर दिया गया। अब मामला ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगा, जहाँ अभियोजन पक्ष लीक के सबूत प्रस्तुत करेगा।
यह मामला संवेदनशील सरकारी दस्तावेज़ों के अनधिकृत प्रकटीकरण पर आधारित है, जिन्हें आंतरिक उपयोग के लिए तैयार किया गया था। इन दस्तावेज़ों को प्रेस के साथ साझा किया गया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक प्रशासन की अखंडता पर सवाल उठे।
न्यायालय के आदेश में, न्यायाधीश ने बताया कि इस तरह की लीक से सार्वजनिक विश्वास पर गहरा असर पड़ सकता है और चल रहे जांचों में बाधा आ सकती है। इसलिए आरोपी को हिरासत में रखना आवश्यक माना गया।
अभियोक्ता ने जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे बिना सुनवाई के खारिज कर दिया गया। अब मामला ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगा, जहाँ अभियोजन पक्ष लीक के सबूत प्रस्तुत करेगा।