📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avrajyoti Mitra
राजनीति
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से प्रोटेस्ट नियमों पर प्रतिक्रिया मांगी
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🗓 14 अक्टू. 2026, 06:37 AM
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दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र को कई याचिकाओं पर अपना मत देने को कहा, जिनमें सार्वजनिक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए विधायी ढांचा मांगा गया है।
दिल्ली हाई कोर्ट की एक बेंच ने केंद्र सरकार को कई याचिकाओं पर अपना उत्तर देने के लिए नोटिस जारी किया है, जिनमें सार्वजनिक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट नियमों की माँग की गई है। याचिकाकर्ता तर्क देते हैं कि विधायी ढाँचा न होने से अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों दोनों को यह स्पष्ट नहीं रहता कि क्या अनुमति है, जिससे मनमाने प्रतिबंध लग सकते हैं।
वे चाहते हैं कि एक वैधानिक व्यवस्था शांति‑पूर्वक सभा के अधिकार को सार्वजनिक व्यवस्था की आवश्यकता के साथ संतुलित करे। इस संदर्भ में उन्होंने पिछले कुछ घटनाओं का हवाला दिया जहाँ पुलिस कार्रवाई को अदालतों में चुनौती मिली। याचिकाएँ केंद्र से ऐसे दिशा‑निर्देश तैयार करने का आग्रह करती हैं जो प्रदर्शन की सीमा, प्रक्रिया और पूर्व सूचना की आवश्यकता को स्पष्ट करें।
केंद्र ने अभी तक अपना उत्तर नहीं दिया है और कोर्ट ने आगे की सुनवाई के लिए तिथि तय की है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे नियम बनते हैं तो वे देश भर में नागरिक स्वतंत्रताओं और कानून‑प्रवर्तन के तरीकों पर गहरा असर डाल सकते हैं।
वे चाहते हैं कि एक वैधानिक व्यवस्था शांति‑पूर्वक सभा के अधिकार को सार्वजनिक व्यवस्था की आवश्यकता के साथ संतुलित करे। इस संदर्भ में उन्होंने पिछले कुछ घटनाओं का हवाला दिया जहाँ पुलिस कार्रवाई को अदालतों में चुनौती मिली। याचिकाएँ केंद्र से ऐसे दिशा‑निर्देश तैयार करने का आग्रह करती हैं जो प्रदर्शन की सीमा, प्रक्रिया और पूर्व सूचना की आवश्यकता को स्पष्ट करें।
केंद्र ने अभी तक अपना उत्तर नहीं दिया है और कोर्ट ने आगे की सुनवाई के लिए तिथि तय की है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे नियम बनते हैं तो वे देश भर में नागरिक स्वतंत्रताओं और कानून‑प्रवर्तन के तरीकों पर गहरा असर डाल सकते हैं।