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टेक्नोलॉजी
दिल्ली HC ने टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार रखा, 35 अनुपालन अनुरोधों का हवाला
✍️ Theprint Hindi
🗓 20 जून 2026, 07:01 AM
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अस्थायी अवरोधन आदेश को चुनौती देने वाली टेलीग्राम की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें 35 अनुपालन अनुरोधों और प्लेटफॉर्म के कथित दुरुपयोग के आधार पर सरकार की कार्रवाई की पुष्टि की गई है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने माना कि यह अवरोधन उपाय 'उपलब्ध सबसे कम प्रतिबंधात्मक था और आनुपातिकता के परीक्षण पर खरा उतरा।' यह फैसला सरकार द्वारा अदालत को सूचित करने के बाद आया है कि उसने प्लेटफॉर्म को अनुपालन के लिए 35 अनुरोध भेजे थे।
अदालत का फैसला प्रस्तुत की गई जानकारी के आलोक में सरकार की कार्रवाइयों को उचित ठहराता है। 35 अनुपालन अनुरोधों और टेलीग्राम के सीईओ द्वारा की गई एक एक्स पोस्ट के संबंध में सरकार के सबमिशन, जिसने कथित दुरुपयोग के आरोपों को बल दिया, ने अदालत के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टेलीग्राम ने अस्थायी अवरोधन आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा इसे खारिज करने से यह संकेत मिलता है कि प्रतिबंध के कानूनी आधार मजबूत पाए गए। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक हित की चिंताओं और कम प्रतिबंधात्मक विकल्पों की उपलब्धता के बीच संतुलन पर जोर देता है।
अदालत का फैसला प्रस्तुत की गई जानकारी के आलोक में सरकार की कार्रवाइयों को उचित ठहराता है। 35 अनुपालन अनुरोधों और टेलीग्राम के सीईओ द्वारा की गई एक एक्स पोस्ट के संबंध में सरकार के सबमिशन, जिसने कथित दुरुपयोग के आरोपों को बल दिया, ने अदालत के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टेलीग्राम ने अस्थायी अवरोधन आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा इसे खारिज करने से यह संकेत मिलता है कि प्रतिबंध के कानूनी आधार मजबूत पाए गए। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक हित की चिंताओं और कम प्रतिबंधात्मक विकल्पों की उपलब्धता के बीच संतुलन पर जोर देता है।