📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kool Nerd 123
सरकारी योजना
दिल्ली सरकार देगा 2.30 लाख घरों को मुफ्त सोलर रूफटॉप
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 02 सित. 2026, 05:03 PM
👁 29
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की नई सौर नीति का खुलासा किया, जिसमें 2.30 लाख घरों को शून्य लागत पर सोलर रूफटॉप मिलेगा, जिससे शहर को बिजली का शुद्ध उत्पादक बनाना लक्ष्य है।
दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक सौर योजना की घोषणा की, जिसमें 2.30 लाख घरों को शून्य लागत पर रूफटॉप फोटोवोल्टाइक पैनल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह पहल घरों को बिजली के उपभोक्ता से उत्पादक बनाकर ग्रिड पर निर्भरता घटाएगी।
इस नीति के तहत पूंजी खर्च पूरी तरह सरकार वहन करेगी, जबकि घरों को केवल न्यूनतम रखरखाव शुल्क देना होगा। उत्पन्न बिजली सीधे घर में उपयोग होगी और अतिरिक्त बिजली दिल्ली की विद्युत नेटवर्क में भेजी जाएगी, जिसके लिए राज्य बिजली बिल पर सब्सिडी प्रदान करेगा।
यह योजना दिल्ली के कार्बन उत्सर्जन घटाने और पीक‑लोड दबाव कम करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाती है। अधिकारियों का अनुमान है कि दिन के समय में कई सौ मेगावॉट की मांग में कमी आएगी, जिससे शहर की कुल बिजली खरीद लागत घटेगी।
कार्यान्वयन दिल्ली विद्युत नियामक आयोग और मान्यता प्राप्त सौर विक्रेताओं के सहयोग से होगा। लाभार्थी घरों का चयन आय स्तर और मौजूदा बिजली खपत के आधार पर किया जाएगा, जिससे निम्न‑आय वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।
स्थापना इस तिमाही के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है, और दो वर्षों के भीतर पूरी कवरेज हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी रूफटॉप सौर योजनाओं में से एक बन जाएगी।
इस नीति के तहत पूंजी खर्च पूरी तरह सरकार वहन करेगी, जबकि घरों को केवल न्यूनतम रखरखाव शुल्क देना होगा। उत्पन्न बिजली सीधे घर में उपयोग होगी और अतिरिक्त बिजली दिल्ली की विद्युत नेटवर्क में भेजी जाएगी, जिसके लिए राज्य बिजली बिल पर सब्सिडी प्रदान करेगा।
यह योजना दिल्ली के कार्बन उत्सर्जन घटाने और पीक‑लोड दबाव कम करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाती है। अधिकारियों का अनुमान है कि दिन के समय में कई सौ मेगावॉट की मांग में कमी आएगी, जिससे शहर की कुल बिजली खरीद लागत घटेगी।
कार्यान्वयन दिल्ली विद्युत नियामक आयोग और मान्यता प्राप्त सौर विक्रेताओं के सहयोग से होगा। लाभार्थी घरों का चयन आय स्तर और मौजूदा बिजली खपत के आधार पर किया जाएगा, जिससे निम्न‑आय वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी।
स्थापना इस तिमाही के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है, और दो वर्षों के भीतर पूरी कवरेज हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी रूफटॉप सौर योजनाओं में से एक बन जाएगी।