📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
देश
दिल्ली सरकार का दावा: एक साल में 217.17 लाख टन कचरा निस्तारित, तीन कूड़े के पहाड़ खत्म
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 03 अक्टू. 2026, 08:32 PM
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दिल्ली प्रशासन ने बताया कि अगले बारह महीनों में 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरा निस्तारित करने का लक्ष्य है, जिससे शहर के तीन बड़े कूड़े के पहाड़ खत्म हो जाएंगे।
दिल्ली सरकार ने कहा है कि अगले साल में 217.17 लाख मीट्रिक टन नगरपालिका कचरा निस्तारित किया जाएगा। यह आंकड़ा हालिया प्रेस ब्रीफ़िंग में बताया गया, जिसे तीन प्रमुख कूड़े के पहाड़ों को हटाने के लिए आवश्यक मात्रा माना गया है, जो राजधानी के विभिन्न हिस्सों में दिखते रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्य नई स्थापित कचरा‑से‑ऊर्जा संयंत्रों, स्रोत पर कचरा अलगाव को बढ़ाने और मौजूदा लैंडफ़िल की क्षमता बढ़ाने से हासिल किया जाएगा। योजना में संग्रहण शेड्यूल को तेज़ करना और निजी रीसाइक्लिंग कंपनियों के साथ साझेदारी करके पुनः उपयोग योग्य सामग्री को बढ़ावा देना भी शामिल है।
यदि यह दावा सत्य साबित होता है, तो इन तीन कूड़े के पहाड़ों को बारह महीने के अंत तक हटाया जा सकता है, जिससे प्रमुख हाईवे से दिखने वाला यह दृश्य समाप्त हो जाएगा। सरकार ने नियमित प्रगति रिपोर्ट देने का वादा किया है, परन्तु स्वतंत्र सत्यापन तंत्र अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है।
पर्यावरण संगठनों ने इस महत्वाकांक्षा का स्वागत किया, परन्तु प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कड़ी निगरानी और समुदाय की भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। सरकार ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर लैंडफ़िल पर निर्भरता कम करने और शहरी स्वच्छता सुधारने के लक्ष्य के साथ मेल खाती है।
यह घोषणा दिल्ली में बढ़ते कचरा उत्पादन के मद्देनज़र आती है, जिससे सतत निपटान विधियों और बुनियादी ढाँचे के उन्नयन पर फिर से ध्यान केंद्रित हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्य नई स्थापित कचरा‑से‑ऊर्जा संयंत्रों, स्रोत पर कचरा अलगाव को बढ़ाने और मौजूदा लैंडफ़िल की क्षमता बढ़ाने से हासिल किया जाएगा। योजना में संग्रहण शेड्यूल को तेज़ करना और निजी रीसाइक्लिंग कंपनियों के साथ साझेदारी करके पुनः उपयोग योग्य सामग्री को बढ़ावा देना भी शामिल है।
यदि यह दावा सत्य साबित होता है, तो इन तीन कूड़े के पहाड़ों को बारह महीने के अंत तक हटाया जा सकता है, जिससे प्रमुख हाईवे से दिखने वाला यह दृश्य समाप्त हो जाएगा। सरकार ने नियमित प्रगति रिपोर्ट देने का वादा किया है, परन्तु स्वतंत्र सत्यापन तंत्र अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है।
पर्यावरण संगठनों ने इस महत्वाकांक्षा का स्वागत किया, परन्तु प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कड़ी निगरानी और समुदाय की भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। सरकार ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर लैंडफ़िल पर निर्भरता कम करने और शहरी स्वच्छता सुधारने के लक्ष्य के साथ मेल खाती है।
यह घोषणा दिल्ली में बढ़ते कचरा उत्पादन के मद्देनज़र आती है, जिससे सतत निपटान विधियों और बुनियादी ढाँचे के उन्नयन पर फिर से ध्यान केंद्रित हुआ है।