📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
राजनीति
दिल्ली सरकार ने लद्दाख में शराब की बिक्री की पेशकश, गुजरात को 'ड्राई स्टेट' कहा
✍️ Kashmir Media Service
🗓 27 अक्टू. 2026, 12:33 PM
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दिल्ली सरकार लद्दाख में शराब की बिक्री की पेशकश कर रही है, जिसे स्थानीय नेता वांगचुक ने गुजरात को 'ड्राई स्टेट' कहकर बताया।
कश्मीर मीडिया सर्विस ने स्थानीय नेता वांगचुक के बयान को उद्धृत किया, जिसमें उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार लद्दाख में शराब की बिक्री को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति परिवर्तन से गुजरात एक ड्राई स्टेट बन जाता है, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच अंतर स्पष्ट होता है।
2019 के पुनर्गठन के बाद लद्दाख एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गया, जहाँ परंपरागत रूप से शराब की उपलब्धता पर कड़ी पाबंदियां रही हैं। प्रस्तावित बदलाव से मौजूदा नियमों में बड़ा परिवर्तन होगा, जो खुदरा बिक्री और सेवन को सीमित करता है।
इस घोषणा ने नीति निर्माताओं और नागरिकों के बीच बहस छेड़ दी है। समर्थकों का तर्क है कि नियमनित शराब बिक्री से राजस्व बढ़ेगा और अवैध व्यापार में कमी आएगी, जबकि विरोधियों को सामाजिक प्रभावों और लद्दाख की सांस्कृतिक मान्यताओं के क्षरण की चिंता है।
वांगचुक का टिप्पणी इस कदम के राजनीतिक प्रतीकत्व को भी उजागर करती है, जहाँ लद्दाख की नई नीति को गुजरात की लंबे समय से चल रही शराब प्रतिबंध नीति के साथ तुलना की गई है। यह बयान राज्य‑स्तर की स्वायत्तता और केंद्र सरकार के स्थानीय नियमों पर प्रभाव के व्यापक चर्चा को दर्शाता है।
इस समय तक दिल्ली प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और प्रस्ताव अभी भी आगे की चर्चा के बाद ही अंतिम रूप ले सकता है।
2019 के पुनर्गठन के बाद लद्दाख एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गया, जहाँ परंपरागत रूप से शराब की उपलब्धता पर कड़ी पाबंदियां रही हैं। प्रस्तावित बदलाव से मौजूदा नियमों में बड़ा परिवर्तन होगा, जो खुदरा बिक्री और सेवन को सीमित करता है।
इस घोषणा ने नीति निर्माताओं और नागरिकों के बीच बहस छेड़ दी है। समर्थकों का तर्क है कि नियमनित शराब बिक्री से राजस्व बढ़ेगा और अवैध व्यापार में कमी आएगी, जबकि विरोधियों को सामाजिक प्रभावों और लद्दाख की सांस्कृतिक मान्यताओं के क्षरण की चिंता है।
वांगचुक का टिप्पणी इस कदम के राजनीतिक प्रतीकत्व को भी उजागर करती है, जहाँ लद्दाख की नई नीति को गुजरात की लंबे समय से चल रही शराब प्रतिबंध नीति के साथ तुलना की गई है। यह बयान राज्य‑स्तर की स्वायत्तता और केंद्र सरकार के स्थानीय नियमों पर प्रभाव के व्यापक चर्चा को दर्शाता है।
इस समय तक दिल्ली प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और प्रस्ताव अभी भी आगे की चर्चा के बाद ही अंतिम रूप ले सकता है।