📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh lalwani
अपराध
दिल्ली कोर्ट ने 15 साल पुराने रैश ड्राइविंग मामले में पूर्व DTC चालक को बरी किया
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 06 जुल. 2026, 02:02 AM
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दिल्ली की एक अदालत ने 15 साल पुराने रैश ड्राइविंग मामले में एक पूर्व DTC बस चालक को बरी कर दिया है, यह कहते हुए कि केवल अविश्वसनीय गवाही के आधार पर दोषसिद्धि नहीं हो सकती।
पटियाला हाउस कोर्ट ने एक 15 साल पुराने रैश ड्राइविंग मामले में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के एक पूर्व चालक को बरी कर दिया है। अदालत का यह फैसला प्रस्तुत साक्ष्यों की अपर्याप्तता के आधार पर आया है।
अदालत ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत पर जोर दिया कि केवल अविश्वसनीय गवाही के आधार पर किसी व्यक्ति को आपराधिक मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। यह टिप्पणी न्यायिक प्रक्रियाओं में विश्वसनीय साक्ष्य के महत्व को रेखांकित करती है।
हालांकि दुर्घटना के विशिष्ट विवरण और गवाही की प्रकृति का सारांश में विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया है, इस फैसले से न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जाहिर होती है, खासकर ऐसे पुराने मामलों में जहां सबूत समय के साथ कमजोर पड़ सकते हैं।
अदालत ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत पर जोर दिया कि केवल अविश्वसनीय गवाही के आधार पर किसी व्यक्ति को आपराधिक मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। यह टिप्पणी न्यायिक प्रक्रियाओं में विश्वसनीय साक्ष्य के महत्व को रेखांकित करती है।
हालांकि दुर्घटना के विशिष्ट विवरण और गवाही की प्रकृति का सारांश में विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया है, इस फैसले से न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जाहिर होती है, खासकर ऐसे पुराने मामलों में जहां सबूत समय के साथ कमजोर पड़ सकते हैं।