📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा के पतरादेवी में विकसित हुतात्मा स्मृति स्मारक का उद्घाटन किया
✍️ The Times of India
🗓 27 अग. 2026, 12:02 AM
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राजनाथ सिंह ने पतरादेवी में नवीनीकृत हुतात्मा स्मृति स्मारक का उद्घाटन किया, जो गोवा मुक्ति के सत्यानाग्रियों को सम्मानित करता है।
नई दिल्ली, २६ अगस्त — केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गोवा के पतरादेवी में नवीनीकृत हुतात्मा स्मृति स्मारक का उद्घाटन किया। राज्य सरकार की विरासत पहल के तहत पुनर्निर्मित यह स्मारक १९६१ की गोवा मुक्ति आंदोलन में भाग लेने वाले सत्यानाग्रियों को सम्मानित करता है, जिन्होंने पुर्तगाली शासन को समाप्त किया।
समारोह में सिंह ने उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने के महत्व पर बल दिया और कहा कि उनका आदर्श आज के भारतीय रक्षा बलों को प्रेरित करता है। गोवा के मुख्यमंत्री सहित कई राज्य अधिकारी उपस्थित थे और स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
नए परिसर में लैंडस्केप गार्डन, हिन्दी‑अंग्रेजी‑कोंकणी में सूचना पट्टिकाएँ और ऐतिहासिक संघर्ष को दर्शाने वाला डिजिटल ऑडियो‑विज़ुअल डिस्प्ले शामिल है। यह उद्घाटन १९७० के दशक में निर्मित स्मारक के बाद पहली बड़ी स्मृति‑समारोह है।
स्थानीय लोग इस कार्यक्रम को देखने के लिए इकट्ठा हुए और अपने क्षेत्र के स्वतंत्रता योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने पर गर्व व्यक्त किया। स्मारक अब शैक्षिक यात्राओं और वार्षिक स्मरण समारोहों का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।
समारोह के अंत में एक क्षण मौन के बाद गोवा की लोक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों से सजा सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जो इतिहास और क्षेत्रीय विरासत के संगम को दर्शाता है।
समारोह में सिंह ने उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने के महत्व पर बल दिया और कहा कि उनका आदर्श आज के भारतीय रक्षा बलों को प्रेरित करता है। गोवा के मुख्यमंत्री सहित कई राज्य अधिकारी उपस्थित थे और स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
नए परिसर में लैंडस्केप गार्डन, हिन्दी‑अंग्रेजी‑कोंकणी में सूचना पट्टिकाएँ और ऐतिहासिक संघर्ष को दर्शाने वाला डिजिटल ऑडियो‑विज़ुअल डिस्प्ले शामिल है। यह उद्घाटन १९७० के दशक में निर्मित स्मारक के बाद पहली बड़ी स्मृति‑समारोह है।
स्थानीय लोग इस कार्यक्रम को देखने के लिए इकट्ठा हुए और अपने क्षेत्र के स्वतंत्रता योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने पर गर्व व्यक्त किया। स्मारक अब शैक्षिक यात्राओं और वार्षिक स्मरण समारोहों का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।
समारोह के अंत में एक क्षण मौन के बाद गोवा की लोक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों से सजा सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जो इतिहास और क्षेत्रीय विरासत के संगम को दर्शाता है।