📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ADGPI Indian Army
रक्षा
गिरीश कालिया का डीपफेक वीडियो: अरुणाचल में चीन के दखल की स्वीकृति दिखी
✍️ BOOM Fact Check
🗓 27 अक्टू. 2026, 03:03 PM
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ऑनलाइन प्रसारित एक बनावटी वीडियो में पूर्व मंत्री गिरीश कालिया को अरुणाचल में चीन के दखल को स्वीकारते दिखाया गया है। तथ्य‑जाँचकर्ताओं ने इसे डीपफेक बताया है।
सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया एक वीडियो में पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरीश कालिया को अरुणाचल प्रदेश में चीन के दखल को स्वीकारते दिखाया गया है। यह क्लिप एक लाइव साक्षात्कार के रूप में प्रस्तुत है, जिसमें कालिया की आवाज़ और रूप को डिजिटल रूप से बदला गया है।
BOOM Fact Check ने फ्रेम‑बाय‑फ्रेम विश्लेषण और फोरेंसिक टूल्स का उपयोग करके वीडियो की जाँच की। जांच में लिप‑सिंक में असंगति, पृष्ठभूमि ध्वनि में परिवर्तन और चेहरे की हरकतों में डिजिटल हेरफेर पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक डीपफेक है।
गिरीश कालिया या उनके दल ने इस प्रकार के किसी भी बयान की पुष्टि नहीं की है, और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कोई स्वीकारोक्ति नहीं हुई। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नकली सामग्री से सीमा तनाव के समय सार्वजनिक भावना को भड़काया जा सकता है।
यह घटना भारत‑चीन सीमा पर चल रहे तनाव के बीच सूचना सुरक्षा के नए जोखिम को उजागर करती है। अधिकारियों ने जनता से अप्रमाणित वीडियो को साझा करने से पहले स्रोत की पुष्टि करने का आग्रह किया है।
BOOM Fact Check ने फ्रेम‑बाय‑फ्रेम विश्लेषण और फोरेंसिक टूल्स का उपयोग करके वीडियो की जाँच की। जांच में लिप‑सिंक में असंगति, पृष्ठभूमि ध्वनि में परिवर्तन और चेहरे की हरकतों में डिजिटल हेरफेर पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक डीपफेक है।
गिरीश कालिया या उनके दल ने इस प्रकार के किसी भी बयान की पुष्टि नहीं की है, और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कोई स्वीकारोक्ति नहीं हुई। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नकली सामग्री से सीमा तनाव के समय सार्वजनिक भावना को भड़काया जा सकता है।
यह घटना भारत‑चीन सीमा पर चल रहे तनाव के बीच सूचना सुरक्षा के नए जोखिम को उजागर करती है। अधिकारियों ने जनता से अप्रमाणित वीडियो को साझा करने से पहले स्रोत की पुष्टि करने का आग्रह किया है।