📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 126377022@N07
स्थानीय
दमोह में पुल न होने से अंतिम संस्कार में जोखिम, शव को घर में छह घंटे तक रखा गया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 21 अग. 2026, 11:18 AM
👁 18
दमोह के सिंग्रामपुर स्थित टगरा मोहल्ले में पुल न होने के कारण शव को घर में छह घंटे तक रखा गया, जिससे अंतिम संस्कार में सुरक्षा जोखिम उजागर हुए।
सिंग्रामपुर के टगरा मोहल्ले, दमोह जिले के निवासी अंतिम संस्कार के दौरान पुल न होने के कारण खतरनाक परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद तेज़ बहाव ने शरीर को नदी पार करना असंभव बना दिया, इसलिए परिवार ने लगभग छह घंटे तक शव को घर में रखा ताकि उसे बहने से बचाया जा सके।
शरीर को घर में रखने का कारण यह था कि बिना पुल के तेज़ धारा में प्रवेश कर जोखिम उठाना पड़ता था, जिससे कई बार डूबने की संभावना बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें नदी में डुबकी लगाकर या असुरक्षित बिंदुओं से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा होता है।
स्थानीय प्रशासन से पुल निर्माण या अस्थायी पारगमन व्यवस्था की तत्काल मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे अंतिम संस्कार में जीवन जोखिम न हो। यह घटना मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर करती है।
शरीर को घर में रखने का कारण यह था कि बिना पुल के तेज़ धारा में प्रवेश कर जोखिम उठाना पड़ता था, जिससे कई बार डूबने की संभावना बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें नदी में डुबकी लगाकर या असुरक्षित बिंदुओं से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा होता है।
स्थानीय प्रशासन से पुल निर्माण या अस्थायी पारगमन व्यवस्था की तत्काल मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे अंतिम संस्कार में जीवन जोखिम न हो। यह घटना मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर करती है।