📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
अपराध
दमोह के ठेकेदार पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से दो पीएचईडी टेंडर हासिल करने का मामला
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 30 अक्टू. 2026, 05:40 PM
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दमोह के एक ठेकेदार पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से निवाड़ी में पीएचईडी विभाग के दो सरकारी टेंडर जीतने का आरोप लगाकर धोखाधड़ी व कूटरचना का मामला दर्ज किया गया है।
मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यवाही शाखा (ईओडब्ल्यू) ने दमोह स्थित एक ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब एक शिकायत में बताया गया कि ठेकेदार ने निवाड़ी में सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के दो टेंडर जीतने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।
शिकायत के अनुसार, प्रस्तुत दस्तावेज़ों में यह दिखाया गया था कि ठेकेदार ने समान पैमाने और मूल्य के प्रोजेक्ट पहले पूरे किए हैं, जिससे वह विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा कर सके। इन दो टेंडरों का कुल मूल्य सार्वजनिक नहीं किया गया, परन्तु वास्तविक अनुभव के अभाव में भी इन्हें सौंपा गया।
ईओडब्ल्यू की जांच में टेंडर प्रक्रिया में प्रस्तुत दस्तावेज़ों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। परिणामस्वरूप, ठेकेदार और उसकी फर्म को धोखाधड़ी तथा कूटरचना के तहत औपचारिक रूप से आरोपित किया गया और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।
प्राधिकरण ने यह चेतावनी दी है कि टेंडर में हेरफेर करने वाले किसी भी पक्ष को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा, जिससे सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
शिकायत के अनुसार, प्रस्तुत दस्तावेज़ों में यह दिखाया गया था कि ठेकेदार ने समान पैमाने और मूल्य के प्रोजेक्ट पहले पूरे किए हैं, जिससे वह विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा कर सके। इन दो टेंडरों का कुल मूल्य सार्वजनिक नहीं किया गया, परन्तु वास्तविक अनुभव के अभाव में भी इन्हें सौंपा गया।
ईओडब्ल्यू की जांच में टेंडर प्रक्रिया में प्रस्तुत दस्तावेज़ों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। परिणामस्वरूप, ठेकेदार और उसकी फर्म को धोखाधड़ी तथा कूटरचना के तहत औपचारिक रूप से आरोपित किया गया और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।
प्राधिकरण ने यह चेतावनी दी है कि टेंडर में हेरफेर करने वाले किसी भी पक्ष को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा, जिससे सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।