Crime
डकोर में 300 करोड़ की ड्रग्स फैक्टरी का भंडाफोड़, गुलाब जल बनाने की आड़ में चल रहा था नशे का कारोबार
डकोर के ऐरी रमपुरा गांव में गुलाब जल की आड़ में चल रही थी सिंथेटिक ड्रग्स फैक्टरी, DRI-ATS की संयुक्त छापेमारी में 1102 किलो से अधिक एमडी ड्रग्स बरामद।
उरई, (जालौन)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। डकोर कोतवाली क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की संयुक्त टीम ने गुलाब जल बनाने की आड़ में संचालित हो रही सिंथेटिक ड्रग्स फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस फैक्टरी में करीब 300 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स का अवैध कारोबार किया जा रहा था।
संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान 1102.88 किलोग्राम से अधिक एमडी ड्रग्स, भारी मात्रा में खतरनाक रसायन और ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में गुलाब जल बनाने की आड़ लेकर नशीले पदार्थों का निर्माण किया जा रहा था, ताकि किसी को अवैध गतिविधियों की भनक न लगे।
दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, संचालक फरार कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि फैक्टरी का संचालक अभी फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, ड्रग्स की सप्लाई और कारोबार के पीछे शामिल लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
300 करोड़ के अवैध कारोबार से मचा हड़कंप जालौन जैसे जिले के ग्रामीण इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स का निर्माण किए जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। DRI और ATS की संयुक्त कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियों की नजर फरार फैक्टरी संचालक और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर है।
संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान 1102.88 किलोग्राम से अधिक एमडी ड्रग्स, भारी मात्रा में खतरनाक रसायन और ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में गुलाब जल बनाने की आड़ लेकर नशीले पदार्थों का निर्माण किया जा रहा था, ताकि किसी को अवैध गतिविधियों की भनक न लगे।
दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, संचालक फरार कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि फैक्टरी का संचालक अभी फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, ड्रग्स की सप्लाई और कारोबार के पीछे शामिल लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
300 करोड़ के अवैध कारोबार से मचा हड़कंप जालौन जैसे जिले के ग्रामीण इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स का निर्माण किए जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। DRI और ATS की संयुक्त कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियों की नजर फरार फैक्टरी संचालक और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर है।