Local
डबरा नगरपालिका: पार्षद पुत्र चेयरमैन की कुर्सी पर, ठेकेदार बाबू की सीट पर बैठा, नियमों की अवहेलना का आरोप
डबरा नगरपालिका में नियमों को ताक पर रखकर पार्षद पुत्र को चेयरमैन की कुर्सी पर और ठेकेदार को बाबू की सीट पर बैठाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डबरा नगरपालिका में सत्ता के रसूख का खेल खुलकर सामने आया है, जहाँ नियमों और कायदों को दरकिनार कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, एक पार्षद के पुत्र को चेयरमैन की कुर्सी पर बिठाया गया, वहीं एक ठेकेदार को बाबू की कुर्सी पर बैठाकर सरकारी कामकाज निपटाए जा रहे हैं। यह स्थिति नगरपालिका की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
जनता के महत्वपूर्ण कार्यों और सरकारी व्यवस्था के संचालन के लिए निर्धारित ये कुर्सियाँ किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं। ऐसे में, इन कुर्सियों पर अनधिकृत व्यक्तियों के बैठने की अनुमति किस आधार पर दी गई, यह एक बड़ा सवाल है। यदि यह कृत्य सत्य है, तो संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट करना होगा कि किस नियम या आदेश के तहत यह सब अनुमत है।
इस गंभीर मामले को लेकर ग्वालियर कलेक्टर और नगरीय प्रशासन विभाग से जवाब मांगा गया है। जनता यह जानना चाहती है कि क्या इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग जोर पकड़ रही है।
जनता के महत्वपूर्ण कार्यों और सरकारी व्यवस्था के संचालन के लिए निर्धारित ये कुर्सियाँ किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं। ऐसे में, इन कुर्सियों पर अनधिकृत व्यक्तियों के बैठने की अनुमति किस आधार पर दी गई, यह एक बड़ा सवाल है। यदि यह कृत्य सत्य है, तो संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट करना होगा कि किस नियम या आदेश के तहत यह सब अनुमत है।
इस गंभीर मामले को लेकर ग्वालियर कलेक्टर और नगरीय प्रशासन विभाग से जवाब मांगा गया है। जनता यह जानना चाहती है कि क्या इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग जोर पकड़ रही है।