📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TUBS
बिज़नेस
एपी में सीआरडीए ने बुनियादी ढाँचे के लिए 1,437 करोड़ रुपये मंजूर किए
✍️ The New Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 04:37 AM
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कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीआरडीए) ने एपी के राजधानी क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 1,437 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।
आंध्र प्रदेश की कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीआरडीए) ने राज्य के राजधानी क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के निर्माण और सुधार के लिए 1,437 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह राशि जल आपूर्ति, सीवेज नेटवर्क, सड़क कनेक्टिविटी और बिजली वितरण जैसी आवश्यक सेवाओं के विकास के लिए earmarked है, जिससे शहरी विकास योजनाओं को गति मिलेगी।
सीआरडीए के बयान के अनुसार, इस निधि को चरणबद्ध रूप से जारी किया जाएगा और संबंधित नगर पालिका एवं राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय करके कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि यह निवेश निजी भागीदारी को आकर्षित करने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
स्थानीय ठेकेदारों और बुनियादी ढाँचा कंपनियों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे रोजगार सृजन और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। सीआरडीए ने विस्तृत समय‑सीमा नहीं बताई, परंतु परियोजनाओं की शुरुआत आने वाले कुछ महीनों में होने की संभावना है।
यह घोषणा आंध्र प्रदेश के विकास एजेंडे में बुनियादी ढाँचे को प्राथमिकता देने के निरंतर प्रयास को दर्शाती है, जिससे राजधानी क्षेत्र को उद्योग और सेवा क्षेत्रों का केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
सीआरडीए के बयान के अनुसार, इस निधि को चरणबद्ध रूप से जारी किया जाएगा और संबंधित नगर पालिका एवं राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय करके कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि यह निवेश निजी भागीदारी को आकर्षित करने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
स्थानीय ठेकेदारों और बुनियादी ढाँचा कंपनियों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे रोजगार सृजन और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। सीआरडीए ने विस्तृत समय‑सीमा नहीं बताई, परंतु परियोजनाओं की शुरुआत आने वाले कुछ महीनों में होने की संभावना है।
यह घोषणा आंध्र प्रदेश के विकास एजेंडे में बुनियादी ढाँचे को प्राथमिकता देने के निरंतर प्रयास को दर्शाती है, जिससे राजधानी क्षेत्र को उद्योग और सेवा क्षेत्रों का केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।