📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Angrag1985
देश
उत्तरी प्रदेश की 36,000 करोड़ की गंगा एक्सप्रेसवे पर दरारें और क्रेटर
✍️ India Today
🗓 27 अग. 2026, 12:17 PM
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हालिया जांच में गंगा एक्सप्रेसवे पर नया क्रेटर और कई दरारें पाई गईं, जिससे उत्तर प्रदेश के 36,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।
उत्तर प्रदेश की 36,000 करोड़ रुपये की गंगा एक्सप्रेसवे पर नया क्रेटर और कई सतही दरारें पाई गई हैं। यह क्षति राज्य के सार्वजनिक कार्य विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण के दौरान उजागर हुई, जिसके बाद विस्तृत संरचनात्मक मूल्यांकन का आदेश दिया गया। अभियंता मानते हैं कि यह समस्याएँ मिट्टी के अस्थिर होने और निर्माण के दौरान अपर्याप्त कॉम्पैक्शन से जुड़ी हो सकती हैं।
यह एक्सप्रेसवे, जो राज्य के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय को कम करने के लिए बनाया गया था, पहले ही देरी और लागत बढ़ने की आलोचना का शिकार रहा है। नवीनतम रिपोर्टों ने उत्तर प्रदेश सरकार और ठेकेदारों पर सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ा दिया है, इससे पहले कि सड़क को सार्वजनिक उपयोग के लिए खोला जाए।
प्रभावित खंड में काम को रोक दिया गया है और विस्तृत जांच के बाद ही पुनः शुरू किया जाएगा। सार्वजनिक कार्य विभाग ने ठेकेदारों को एक हफ़्ते के भीतर सुधारात्मक कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, और यदि स्थिति में और गिरावट आती है तो अनुबंध के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे, जो राज्य के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय को कम करने के लिए बनाया गया था, पहले ही देरी और लागत बढ़ने की आलोचना का शिकार रहा है। नवीनतम रिपोर्टों ने उत्तर प्रदेश सरकार और ठेकेदारों पर सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ा दिया है, इससे पहले कि सड़क को सार्वजनिक उपयोग के लिए खोला जाए।
प्रभावित खंड में काम को रोक दिया गया है और विस्तृत जांच के बाद ही पुनः शुरू किया जाएगा। सार्वजनिक कार्य विभाग ने ठेकेदारों को एक हफ़्ते के भीतर सुधारात्मक कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, और यदि स्थिति में और गिरावट आती है तो अनुबंध के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।