📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mahi zahidi
अपराध
सुषांत सिंह राजपूत के पूर्व प्रबंधक की मौत के मामले में 14वीं मंजिल के गिरने की जांच कोर्ट में
✍️ NDTV
🗓 29 अग. 2026, 10:49 AM
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दिल्ली कोर्ट में सुनवाई के दौरान, जजों ने यह जांचा कि सुषांत सिंह राजपूत के पूर्व प्रबंधक की मौत में 14वीं मंजिल से गिरने पर केवल दाँत टूटना संभव है या नहीं।
दिल्ली सत्र कोर्ट ने सुषांत सिंह राजपूत के पूर्व प्रबंधक की मौत के मामले की सुनवाई की, जिसमें 14वीं मंजिल से गिरने की परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया गया। न्यायाधीश ने यह सवाल उठाया कि केवल दाँत टूटने की रिपोर्ट के आधार पर क्या यह गिरावट का परिणाम हो सकता है, क्योंकि यह तथ्य जांच के दिशा‑निर्देश को बदल सकता है।
प्रोसेक्यूशन ने ऑटोप्सी रिपोर्ट में कई आंतरिक चोटों का उल्लेख किया, जो केवल दाँत टूटने से असंगत है। उन्होंने कहा कि गिरावट की ऊँचाई और फोरेंसिक निष्कर्ष अधिक गंभीर चोटों की ओर इशारा करते हैं।
रक्षा पक्ष ने अब तक प्रस्तुत साक्ष्यों को अपूर्ण बताया और फोरेंसिक विश्लेषण की पुनः जाँच का अनुरोध किया। कोर्ट ने अगले सप्ताह अतिरिक्त विशेषज्ञ गवाही के साथ अगली सुनवाई तय की है।
संपूर्ण भारत में इस मामले ने बड़ी मीडिया रुचि उत्पन्न की है, और अधिकारी अभी भी यह जांच रहे हैं कि गिरावट आकस्मिक थी, आत्मघाती थी या किसी अन्य कारण से हुई।
अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है और कोर्ट ने सभी पक्षों से चल रहे फोरेंसिक जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है।
प्रोसेक्यूशन ने ऑटोप्सी रिपोर्ट में कई आंतरिक चोटों का उल्लेख किया, जो केवल दाँत टूटने से असंगत है। उन्होंने कहा कि गिरावट की ऊँचाई और फोरेंसिक निष्कर्ष अधिक गंभीर चोटों की ओर इशारा करते हैं।
रक्षा पक्ष ने अब तक प्रस्तुत साक्ष्यों को अपूर्ण बताया और फोरेंसिक विश्लेषण की पुनः जाँच का अनुरोध किया। कोर्ट ने अगले सप्ताह अतिरिक्त विशेषज्ञ गवाही के साथ अगली सुनवाई तय की है।
संपूर्ण भारत में इस मामले ने बड़ी मीडिया रुचि उत्पन्न की है, और अधिकारी अभी भी यह जांच रहे हैं कि गिरावट आकस्मिक थी, आत्मघाती थी या किसी अन्य कारण से हुई।
अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है और कोर्ट ने सभी पक्षों से चल रहे फोरेंसिक जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है।