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20 अग. 2026
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न्यायालय ने निर्णय दिया: वैवाहिक संबंध होने पर सेक्शन 376 IPC प्रासंगिक नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PCACPA
अपराध

न्यायालय ने निर्णय दिया: वैवाहिक संबंध होने पर सेक्शन 376 IPC प्रासंगिक नहीं

✍️ livelaw.in 🗓 19 अग. 2026, 05:18 PM 👁 11
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हाल ही के निर्णय में, न्यायालय ने कहा कि वैवाहिक संबंध होने पर सेक्शन 376 IPC (बदमाशी) प्रासंगिक नहीं है।

न्यायालय ने निर्णय दिया कि वैवाहिक संबंध होने पर सेक्शन 376 IPC (बदमाशी) प्रासंगिक नहीं है। इस निर्णय से स्पष्ट हुआ कि यदि अभियोजन सामग्री से यह पता चलता है कि आरोपी और पीड़ित एक वैवाहिक संबंध में हैं, तो यह अपराध प्रारम्भिक रूप से लागू नहीं होता।

सेक्शन 376 IPC के तहत, अभियोजन को यह स्थापित करना होता है कि पीड़ित महिला है और आरोपी ने बिना सहमति के उसके साथ यौन संबंध बनाया। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि वैवाहिक संबंध के प्रमाण होने पर यह आरोप प्रारम्भिक रूप से लागू नहीं होता।

यह निर्णय भविष्य में वैवाहिक संबंधों वाले मामलों में अभियोजन के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है, जिससे कानून का सही और सुसंगत अनुप्रयोग सुनिश्चित हो सके। यह निर्णय इस बात पर बल देता है कि अभियोजन की सामग्री अपराध की लागूता तय करने में महत्वपूर्ण है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्पष्टीकरण भविष्य के मुकदमों और वैवाहिक संबंधों वाले मामलों की तैयारी पर असर डाल सकता है। यह निर्णय कानून की व्याख्या को तथ्यों के अनुरूप रखने के सिद्धांत को पुनः पुष्टि करता है।
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