📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
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अदालत ने कहा पति की शारीरिक विशेषताओं की गाली तलाक का कारण नहीं बनती
✍️ livelaw.in
🗓 24 सित. 2026, 07:32 AM
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एक फैमिली कोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा पति को “काला‑रंग” या “मोटा‑आकार” कहने से तलाक का वैध कारण नहीं बनता।
दिल्ली फैमिली कोर्ट ने एक याचिका पर विचार किया, जिसमें पत्नी ने अपने पति को “काला‑रंग” या “मोटा‑आकार” कहने के आधार पर तलाक की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि ऐसे बयान दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न का रूप हैं, जो विवाह को समाप्त करने योग्य हैं।
हालाँकि, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि शारीरिक विशेषताओं से संबंधित व्यक्तिगत अपमान, यद्यपि आहत करने वाला है, लेकिन हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दुर्व्यवहार की कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करता। अदालत ने कहा कि दुर्व्यवहार में ऐसे कार्य शामिल होने चाहिए जो जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरे में डालें या वैवाहिक जीवन को असहनीय बना दें।
इस कारण, न्यायालय ने तलाक की याचिका को खारिज कर दिया और दंपति को परामर्श के माध्यम से सुलह करने का निर्देश दिया। कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह निर्णय इस सिद्धांत को मजबूत करता है कि केवल भावनात्मक चोट, बिना स्पष्ट नुकसान के, तलाक के वैध कारण नहीं बनती।
यह फैसला भारतीय न्यायपालिका की इस बात को रेखांकित करता है कि मौखिक अपमान निंदनीय है, परन्तु इसे गंभीर शारीरिक या मानसिक क्षति के प्रमाण के साथ ही तलाक के आधार के रूप में मान्यता मिलती है।
हालाँकि, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि शारीरिक विशेषताओं से संबंधित व्यक्तिगत अपमान, यद्यपि आहत करने वाला है, लेकिन हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दुर्व्यवहार की कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करता। अदालत ने कहा कि दुर्व्यवहार में ऐसे कार्य शामिल होने चाहिए जो जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरे में डालें या वैवाहिक जीवन को असहनीय बना दें।
इस कारण, न्यायालय ने तलाक की याचिका को खारिज कर दिया और दंपति को परामर्श के माध्यम से सुलह करने का निर्देश दिया। कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह निर्णय इस सिद्धांत को मजबूत करता है कि केवल भावनात्मक चोट, बिना स्पष्ट नुकसान के, तलाक के वैध कारण नहीं बनती।
यह फैसला भारतीय न्यायपालिका की इस बात को रेखांकित करता है कि मौखिक अपमान निंदनीय है, परन्तु इसे गंभीर शारीरिक या मानसिक क्षति के प्रमाण के साथ ही तलाक के आधार के रूप में मान्यता मिलती है।