📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jagat Singh
शिक्षा
जबलपुर में कोर्ट ने अपात्र नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों के शिफ्टिंग मॉड्यूल को पारदर्शी बनाने का आदेश दिया
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 24 अक्टू. 2026, 05:37 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपात्र नर्सिंग कॉलेजों से छात्रों के शिफ्टिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित छात्रों के अधिकार सुरक्षित रहें।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर शाखा ने उन नर्सिंग कॉलेजों से छात्रों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का आदेश दिया है, जिन्हें अब अपात्र घोषित किया गया है। यह आदेश राज्य में कई नर्सिंग संस्थानों में रिपोर्ट किए गए घोटालों और अनियमितताओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।
आदेश में राज्य नर्सिंग परिषद और संबंधित शिक्षा विभाग को स्पष्ट मानदंड, समयसीमा और चरणबद्ध प्रक्रिया प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रभावित छात्रों को बिना किसी देरी या क्रेडिट नुकसान के अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिले।
छात्र प्रतिनिधियों सहित कई हितधारकों ने इस फैसले का स्वागत किया, यह कहते हुए कि पारदर्शी शिफ्टिंग मॉड्यूल उनके शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य की सुरक्षा करेगा। अधिकारियों को निर्देशित समय सीमा के भीतर इन दिशानिर्देशों को लागू कर कोर्ट को रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है।
यह निर्णय नर्सिंग कॉलेजों में हुए घोटालों के प्रकाश में शैक्षिक मानकों की निगरानी और छात्र अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करता है।
आदेश में राज्य नर्सिंग परिषद और संबंधित शिक्षा विभाग को स्पष्ट मानदंड, समयसीमा और चरणबद्ध प्रक्रिया प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रभावित छात्रों को बिना किसी देरी या क्रेडिट नुकसान के अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिले।
छात्र प्रतिनिधियों सहित कई हितधारकों ने इस फैसले का स्वागत किया, यह कहते हुए कि पारदर्शी शिफ्टिंग मॉड्यूल उनके शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य की सुरक्षा करेगा। अधिकारियों को निर्देशित समय सीमा के भीतर इन दिशानिर्देशों को लागू कर कोर्ट को रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है।
यह निर्णय नर्सिंग कॉलेजों में हुए घोटालों के प्रकाश में शैक्षिक मानकों की निगरानी और छात्र अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करता है।