📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rodrick rajive lal
अपराध
कोर्ट ने युवराज हत्या में गुरुग्राम पुलिस और मेडिकल ऑफिसर की भूमिका पर जांच का आदेश दिया
✍️ The Indian Express
🗓 30 सित. 2026, 07:34 AM
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कोर्ट ने युवराज की हत्या में गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों और मेडिकल अधिकारी की भागीदारी की जांच का आदेश दिया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुग्राम बेंच में सोमवार को युवराज हत्या मामले में स्थानीय पुलिस अधिकारियों और जिला मेडिकल अधिकारी के कार्यों की विस्तृत जांच का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया में चूकों से जांच की निष्पक्षता और पोस्ट‑मॉर्टेम रिपोर्ट पर असर पड़ सकता है।
कोर्ट के दस्तावेज़ों के अनुसार, मृतक युवराज की पहचान केवल नाम से ही की गई है। प्रारंभिक पुलिस जांच के बाद, मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी और मेडिकल अधिकारी ने साक्ष्य में छेड़छाड़ की या मानक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।
बेंच ने ऑटोप्सी रिपोर्ट की स्वतंत्र फॉरेन्सिक ऑडिट करने और राज्य क्राइम ब्रांच को पुलिस बयानों की पुनः जाँच करने का निर्देश दिया। प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ मजिस्ट्रेट निगरानी करेंगे।
यह फैसला हरियाणा में हाई‑प्रोफ़ाइल हत्याओं में कानून प्रवर्तन की कार्रवाई की जांच के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा पुनः स्थापित करना है।
कोर्ट के दस्तावेज़ों के अनुसार, मृतक युवराज की पहचान केवल नाम से ही की गई है। प्रारंभिक पुलिस जांच के बाद, मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारी और मेडिकल अधिकारी ने साक्ष्य में छेड़छाड़ की या मानक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।
बेंच ने ऑटोप्सी रिपोर्ट की स्वतंत्र फॉरेन्सिक ऑडिट करने और राज्य क्राइम ब्रांच को पुलिस बयानों की पुनः जाँच करने का निर्देश दिया। प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ मजिस्ट्रेट निगरानी करेंगे।
यह फैसला हरियाणा में हाई‑प्रोफ़ाइल हत्याओं में कानून प्रवर्तन की कार्रवाई की जांच के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा पुनः स्थापित करना है।