📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
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समय‑सीमा समाप्त अपील में केवल असाधारण मामलों में अंतरिम रोक संभव
✍️ Live Law
🗓 04 सित. 2026, 04:37 PM
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न्यायालय ने कहा कि समय‑सीमा समाप्त अपील में अंतरिम रोक केवल असाधारण परिस्थितियों में और देरी को माफ़ किए बिना दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने यह स्पष्ट किया कि समय‑सीमा समाप्त होने के बाद दायर की गई अपील के लिए भी अंतरिम रोक दी जा सकती है, बशर्ते मामला वास्तव में असाधारण हो। इस निर्णय में कहा गया कि ऐसी राहत को समय‑सीमा की माफी नहीं माना जाएगा।
अंतरिम रोक का उद्देश्य अंतिम निर्णय तक स्थिति को स्थिर रखना है, लेकिन यह देर से दायर किए गए मामलों के लिए सामान्य उपाय नहीं हो सकता। इसलिए न्यायालय प्रत्येक याचिका के तथ्यों की जांच करेगा कि क्या असाधारण परिस्थितियों की मौजूदगी है।
देर को स्वीकृति न देकर, यह रुख प्रक्रियात्मक समय‑सीमा की विश्वसनीयता को बनाए रखता है, साथ ही उन मामलों में एक सीमित सुरक्षा जाल प्रदान करता है जहाँ कड़ाई से पालन करने से अपरिवर्तनीय नुकसान हो सकता है।
वकीलों को अब समय‑सीमा समाप्त अपीलों के लिए रणनीति बदलनी पड़ेगी, और सामान्य तात्कालिकता के बजाय असाधारण कारणों को सिद्ध करने पर अधिक ध्यान देना होगा।
अंतरिम रोक का उद्देश्य अंतिम निर्णय तक स्थिति को स्थिर रखना है, लेकिन यह देर से दायर किए गए मामलों के लिए सामान्य उपाय नहीं हो सकता। इसलिए न्यायालय प्रत्येक याचिका के तथ्यों की जांच करेगा कि क्या असाधारण परिस्थितियों की मौजूदगी है।
देर को स्वीकृति न देकर, यह रुख प्रक्रियात्मक समय‑सीमा की विश्वसनीयता को बनाए रखता है, साथ ही उन मामलों में एक सीमित सुरक्षा जाल प्रदान करता है जहाँ कड़ाई से पालन करने से अपरिवर्तनीय नुकसान हो सकता है।
वकीलों को अब समय‑सीमा समाप्त अपीलों के लिए रणनीति बदलनी पड़ेगी, और सामान्य तात्कालिकता के बजाय असाधारण कारणों को सिद्ध करने पर अधिक ध्यान देना होगा।