📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gelluou
अपराध
सरकारी जमीन NOC मामले में पूर्व सरपंच तथा सह‑प्रतिवादी को बरी
✍️ Bhaskar English
🗓 10 अक्टू. 2026, 09:46 AM
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एक अदालत ने सरकारी जमीन के NOC मामले में पूर्व सरपंच और एक अन्य व्यक्ति को बरी किया।
एक अदालत ने [शहर/राज्य] में सरकारी जमीन के NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के मामले में पूर्व सरपंच और एक सह‑प्रतिवादी को बरी कर दिया। यह फैसला [तारीख] को दिया गया, जब अभियोजन पक्ष ने कथित अपराध को साबित नहीं किया।
मामले में आरोप लगाया गया था कि पूर्व सरपंच और अन्य आरोपी ने अपनी पदस्थापना का दुरुपयोग कर निजी विकास के लिये NOC प्राप्त किया। परन्तु अदालत ने पाया कि सबूत पर्याप्त नहीं थे और NOC सही प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किया गया था।
न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के अवैध कार्य का पर्याप्त प्रमाण नहीं दिया। इसलिए बरी करने का निर्णय लिया गया।
इस फैसले से पूर्व सरपंच पर कानूनी बोझ कम हो गया और यह दर्शाता है कि जमीन‑संबंधी विवादों में साक्ष्य संग्रह कितना महत्वपूर्ण है।
मामले में आरोप लगाया गया था कि पूर्व सरपंच और अन्य आरोपी ने अपनी पदस्थापना का दुरुपयोग कर निजी विकास के लिये NOC प्राप्त किया। परन्तु अदालत ने पाया कि सबूत पर्याप्त नहीं थे और NOC सही प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किया गया था।
न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के अवैध कार्य का पर्याप्त प्रमाण नहीं दिया। इसलिए बरी करने का निर्णय लिया गया।
इस फैसले से पूर्व सरपंच पर कानूनी बोझ कम हो गया और यह दर्शाता है कि जमीन‑संबंधी विवादों में साक्ष्य संग्रह कितना महत्वपूर्ण है।