📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Smuconlaw
देश
सुरक्षित स्मारकों के बफ़र ज़ोन में निर्माण को नियमन में बाधा
✍️ The Times of India
🗓 23 अग. 2026, 01:33 PM
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विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि केंद्र-रक्षित स्मारकों के बफ़र ज़ोन में निर्माण के नियमन में ढीलापन heritage sites को खतरे में डाल रहा है।
केंद्रीय सरकार द्वारा संरक्षित स्मारकों के चारों ओर निर्धारित बफ़र ज़ोन में निर्माण के नियमन में ढीलापन देखी जा रही है। विरासत संरक्षण के जिम्मेदार प्राधिकरणों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे इन संवेदनशील क्षेत्रों में नई निर्माण परियोजनाओं को रोकने के लिए निगरानी को कड़ा करें।
विरासत विशेषज्ञों का कहना है कि अनियंत्रित निर्माण ऐतिहासिक स्थलों की संरचनात्मक स्थिरता और दृश्य सौंदर्य को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे सांस्कृतिक मूल्य और पर्यटन क्षमता दोनों पर असर पड़ेगा। स्पष्ट प्रवर्तन तंत्र की कमी को भारत की वास्तु विरासत की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा माना गया है।
पुरातत्वविद् और संरक्षण NGOs सहित कई हितधारक मौजूदा दिशानिर्देशों की तुरंत समीक्षा और उल्लंघनों पर कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि स्मारकों को अपरिवर्तनीय नुकसान से बचाने के लिए सुदृढ़ नियमन आवश्यक है।
विरासत विशेषज्ञों का कहना है कि अनियंत्रित निर्माण ऐतिहासिक स्थलों की संरचनात्मक स्थिरता और दृश्य सौंदर्य को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे सांस्कृतिक मूल्य और पर्यटन क्षमता दोनों पर असर पड़ेगा। स्पष्ट प्रवर्तन तंत्र की कमी को भारत की वास्तु विरासत की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा माना गया है।
पुरातत्वविद् और संरक्षण NGOs सहित कई हितधारक मौजूदा दिशानिर्देशों की तुरंत समीक्षा और उल्लंघनों पर कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि स्मारकों को अपरिवर्तनीय नुकसान से बचाने के लिए सुदृढ़ नियमन आवश्यक है।