📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Social Justice and Empowerment
राजनीति
कॉनरड सँग्मा ने माँटिपुर शांति के लिए विश्वास और आईडीपी पुनर्वास पर जोर दिया
✍️ Hindustan Times
🗓 25 जुल. 2026, 08:06 PM
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मुख्य मंत्री कॉनरड सँग्मा ने माँटिपुर में स्थायी शांति के लिए विश्वास निर्माण और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
मेघालय के मुख्य मंत्री कॉनरड सँग्मा ने माँटिपुर में शांति प्राप्त करने के लिए विश्वास निर्माण और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) के पुनर्वास को प्रमुख घटक बताया।
सँग्मा के बयान के समय माँटिपुर में चल रही तनाव और कभी‑कभी होने वाले हिंसक घटनाक्रम के बीच यह बात सामने आई, जहाँ कई समुदायों को वर्षों से विस्थापित होना पड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि प्रभावित जनसंख्या के बीच विश्वास बहाल किए बिना और विस्थापन संकट को संबोधित किए बिना किसी भी शांति पहल को स्थायी नहीं माना जा सकता।
यह वक्तव्य एक सार्वजनिक संबोधन में दिया गया, जहाँ सँग्मा ने राष्ट्रीय नेताओं और स्थानीय हितधारकों से आईडीपी के लिए व्यापक पुनर्वास योजनाओं पर सहयोग करने का आग्रह किया, जिसमें आवास, आजीविका सहायता और मनोवैज्ञानिक सेवाएँ शामिल हैं।
सँग्मा के आह्वान को केंद्रीय सरकार के क्षेत्रीय सशस्त्र संघर्षों को सुलझाने के व्यापक प्रयासों के साथ जोड़ा गया है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विश्वास‑निर्माण और विस्थापन राहत पर ठोस कार्रवाई शाश्वत स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
मुख्य मंत्री के इस बयान को कई नागरिक समाज समूहों ने स्वागत किया, जो आईडीपी पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित करने को माँटिपुर के प्रभावित जिलों में सामान्यता बहाल करने के व्यावहारिक कदम के रूप में देखते हैं।
सँग्मा के बयान के समय माँटिपुर में चल रही तनाव और कभी‑कभी होने वाले हिंसक घटनाक्रम के बीच यह बात सामने आई, जहाँ कई समुदायों को वर्षों से विस्थापित होना पड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि प्रभावित जनसंख्या के बीच विश्वास बहाल किए बिना और विस्थापन संकट को संबोधित किए बिना किसी भी शांति पहल को स्थायी नहीं माना जा सकता।
यह वक्तव्य एक सार्वजनिक संबोधन में दिया गया, जहाँ सँग्मा ने राष्ट्रीय नेताओं और स्थानीय हितधारकों से आईडीपी के लिए व्यापक पुनर्वास योजनाओं पर सहयोग करने का आग्रह किया, जिसमें आवास, आजीविका सहायता और मनोवैज्ञानिक सेवाएँ शामिल हैं।
सँग्मा के आह्वान को केंद्रीय सरकार के क्षेत्रीय सशस्त्र संघर्षों को सुलझाने के व्यापक प्रयासों के साथ जोड़ा गया है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विश्वास‑निर्माण और विस्थापन राहत पर ठोस कार्रवाई शाश्वत स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
मुख्य मंत्री के इस बयान को कई नागरिक समाज समूहों ने स्वागत किया, जो आईडीपी पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित करने को माँटिपुर के प्रभावित जिलों में सामान्यता बहाल करने के व्यावहारिक कदम के रूप में देखते हैं।