📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bain News Service, publisher
राजनीति
कांग्रेस ने दलित नेता हरदीप पुरी की प्रतिमा जला देने का एलान किया
✍️ Bhaskar English
🗓 31 अक्टू. 2026, 03:02 AM
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कांग्रेस ने आज हरदीप पुरी की प्रतिमा जला देने का फैसला किया, यह आरोप लगाया कि दलित नेता को दबाव में रहकर इस्तीफा देना पड़ा, कहा पार्टी प्रवक्ता जितु पटवारी ने।
कांग्रेस प्रवक्ता जितु पटवारी ने कहा कि पार्टी आज हरदीप पुरी की प्रतिमा जला देगी, यह आरोप लगाते हुए कि दलित नेता को दबाव में रहकर इस्तीफा देना पड़ा। पटवारी का कहना है कि यह इस्तीफा स्वेच्छा से नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर के दबाव के कारण हुआ।
यह घोषणा नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान की गई, जहाँ पटवारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे निर्धारित स्थानों पर इकट्ठा होकर इस प्रदर्शन को अंजाम दें। उनका कहना है कि यह कदम दलित नेता को हटाने को अनुचित ठहराने के लिए किया गया है।
अब तक उस नेतृत्व से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिस पर यह आरोप लगाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आगामी राज्य चुनावों से पहले पार्टी के भीतर तनाव को बढ़ा सकता है, जहाँ दलित प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
यदि यह कार्रवाई की जाती है, तो प्रतिमा जला देना भारत में राजनीतिक विरोध के कई उदाहरणों में शामिल होगा, जहाँ पार्टियां असंतोष व्यक्त करने के लिए प्रतीकात्मक कार्य करती हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए समन्वय किया जा रहा है कि प्रदर्शन शांति से हो।
यह घटना कांग्रेस के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और अल्पसंख्यक नेताओं के साथ व्यवहार पर चल रहे बहस को उजागर करती है, जो आने वाले हफ्तों में पार्टी की कथा को आकार दे सकती है।
यह घोषणा नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान की गई, जहाँ पटवारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे निर्धारित स्थानों पर इकट्ठा होकर इस प्रदर्शन को अंजाम दें। उनका कहना है कि यह कदम दलित नेता को हटाने को अनुचित ठहराने के लिए किया गया है।
अब तक उस नेतृत्व से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिस पर यह आरोप लगाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आगामी राज्य चुनावों से पहले पार्टी के भीतर तनाव को बढ़ा सकता है, जहाँ दलित प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
यदि यह कार्रवाई की जाती है, तो प्रतिमा जला देना भारत में राजनीतिक विरोध के कई उदाहरणों में शामिल होगा, जहाँ पार्टियां असंतोष व्यक्त करने के लिए प्रतीकात्मक कार्य करती हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए समन्वय किया जा रहा है कि प्रदर्शन शांति से हो।
यह घटना कांग्रेस के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और अल्पसंख्यक नेताओं के साथ व्यवहार पर चल रहे बहस को उजागर करती है, जो आने वाले हफ्तों में पार्टी की कथा को आकार दे सकती है।