📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
राजनीति
भोपाल में खरगे रैली में गंगाजल शुद्धिकरण पर कांग्रेस एससी/एसटी ने एफआईआर की माँग
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 30 अग. 2026, 04:32 PM
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खरगे की हल्द्वानी सभा के बाद कार्यक्रम स्थल पर गंगाजल छिड़कने को शुद्धिकरण मानते हुए, कांग्रेस अनुसूचित जाति‑वर्ग के कार्यकर्ताओं ने एमपी नगर थाने में एफआईआर की मांग की।
खरगे की हल्द्वानी सभा के समापन के बाद कार्यक्रम स्थल पर गंगाजल छिड़कने को शुद्धिकरण का कार्य बताया गया। यह कदम स्थानीय समुदाय में असहजता उत्पन्न कर रहा है और सामाजिक‑राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
इसी के चलते कांग्रेस के अनुसूचित जाति‑वर्ग विभाग के कार्यकर्ताओं ने एमपी नगर थाने में एक आवेदन दायर किया, जिसमें उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की। आवेदन में कहा गया है कि यह कार्य SC‑ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि इससे अनुसूचित वर्गों को अपमानित करने का इरादा माना जा रहा है।
अब तक पुलिस ने इस मांग पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, पर यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुका है। विरोधी दल और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर नज़र रखी हुई है।
यह घटना सार्वजनिक सभाओं में जातीय प्रतीकों के प्रयोग की संवेदनशीलता को उजागर करती है, विशेषकर मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ जातीय समीकरण चुनावी राजनीति को गहराई से प्रभावित करते हैं।
इसी के चलते कांग्रेस के अनुसूचित जाति‑वर्ग विभाग के कार्यकर्ताओं ने एमपी नगर थाने में एक आवेदन दायर किया, जिसमें उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की। आवेदन में कहा गया है कि यह कार्य SC‑ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि इससे अनुसूचित वर्गों को अपमानित करने का इरादा माना जा रहा है।
अब तक पुलिस ने इस मांग पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, पर यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुका है। विरोधी दल और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर नज़र रखी हुई है।
यह घटना सार्वजनिक सभाओं में जातीय प्रतीकों के प्रयोग की संवेदनशीलता को उजागर करती है, विशेषकर मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ जातीय समीकरण चुनावी राजनीति को गहराई से प्रभावित करते हैं।