📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
कॉमेडियन पुलकित मानी ने राहुल गांधी‑मोदी मिमिक्री पर विवाद छेड़ा
✍️ Livemint
🗓 21 सित. 2026, 11:00 AM
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स्टैंड‑अप कॉमेडियन पुलकित मानी की राहुल गांधी‑नरेंद्र मोदी की मिमिक्री ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।
दिल्ली‑आधारित स्टैंड‑अप कॉमेडियन पुलकित मानी, जो अपनी राजनीतिक व्यंग्यात्मक शैली के लिए जाने जाते हैं, ने हाल ही में एक मंच पर राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करते हुए विवाद का केंद्र बन गए। यह प्रस्तुति दिल्ली के एक कॉमेडी क्लब में हुई और रिकॉर्ड हो कर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जहाँ इसे कुछ लोगों ने सराहा तो कुछ ने नापसंद किया।
इस मिमिक्री को लेकर दोनों राजनेताओं के समर्थकों ने तीखा विरोध किया, यह आरोप लगाते हुए कि मानी ने राष्ट्रीय नेताओं के प्रति असम्मान दिखाया है। कई ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने क्लिप को हटाने और कलाकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, यह कहते हुए कि यह व्यंग्य सीमा से बाहर है।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह मामला भारत में कॉमेडी और राजनीतिक संवेदनशीलताओं के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। अभी तक कोई औपचारिक कानूनी शिकायत दर्ज नहीं हुई है, पर यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यंग्य की सीमाओं पर नई बहस को जन्म दे रही है।
पलकित मानी ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, पर अन्य कॉमेडियनों ने उनके कलात्मक अधिकार की रक्षा की है, यह कहते हुए कि व्यंग्य सामाजिक आलोचना का पारंपरिक साधन रहा है। इस विवाद का निपटारा अभी बाकी है, जबकि वीडियो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेंड करता जा रहा है।
इस मिमिक्री को लेकर दोनों राजनेताओं के समर्थकों ने तीखा विरोध किया, यह आरोप लगाते हुए कि मानी ने राष्ट्रीय नेताओं के प्रति असम्मान दिखाया है। कई ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने क्लिप को हटाने और कलाकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, यह कहते हुए कि यह व्यंग्य सीमा से बाहर है।
राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह मामला भारत में कॉमेडी और राजनीतिक संवेदनशीलताओं के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। अभी तक कोई औपचारिक कानूनी शिकायत दर्ज नहीं हुई है, पर यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यंग्य की सीमाओं पर नई बहस को जन्म दे रही है।
पलकित मानी ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, पर अन्य कॉमेडियनों ने उनके कलात्मक अधिकार की रक्षा की है, यह कहते हुए कि व्यंग्य सामाजिक आलोचना का पारंपरिक साधन रहा है। इस विवाद का निपटारा अभी बाकी है, जबकि वीडियो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेंड करता जा रहा है।