📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
राजनीति
कॉलेजियम ने गुजरात, दिल्ली, तेलंगाना हाई कोर्ट के सीजे को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नामांकित किया
✍️ The Tribune
🗓 29 सित. 2026, 12:32 AM
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नामांकित किया है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में विचार हेतु प्रस्तुत किया है। यह प्रस्ताव द ट्रिब्यून द्वारा प्रकाशित किया गया है और कॉलेजियम की वरिष्ठ न्यायाधीशों को ऊँचा पद देने की नियमित प्रक्रिया को दर्शाता है।
कॉलेजियम प्रणाली के तहत, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश मिलकर नामों का चयन करते हैं और उन्हें सरकार को भेजते हैं, जिसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति ली जाती है। इन तीन मुख्य न्यायाधीशों को उनके‑अपने हाई कोर्ट में वरिष्ठता के आधार पर चुना गया है, जिससे वे ऊँचे पद के योग्य माने जाते हैं।
यदि सरकार कॉलेजियम की सलाह को स्वीकार करती है, तो राष्ट्रपति औपचारिक नियुक्ति जारी करेंगे और न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में अपना कार्यभार संभालेंगे। ऐसे नियुक्तियों को न्यायपालिका की संरचना और न्यायिक दिशा पर प्रभाव डालने के कारण बारीकी से देखा जाता है।
यह सिफ़ारिश उस समय आई है जब न्यायपालिका लंबित मामलों की बाढ़ और न्यायिक विविधता की मांगों से जूझ रही है। गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना से न्यायाधीशों का चयन सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न क्षेत्रीय दृष्टिकोण लाने की संभावना को दर्शाता है।
कॉलेजियम प्रणाली के तहत, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश मिलकर नामों का चयन करते हैं और उन्हें सरकार को भेजते हैं, जिसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति ली जाती है। इन तीन मुख्य न्यायाधीशों को उनके‑अपने हाई कोर्ट में वरिष्ठता के आधार पर चुना गया है, जिससे वे ऊँचे पद के योग्य माने जाते हैं।
यदि सरकार कॉलेजियम की सलाह को स्वीकार करती है, तो राष्ट्रपति औपचारिक नियुक्ति जारी करेंगे और न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में अपना कार्यभार संभालेंगे। ऐसे नियुक्तियों को न्यायपालिका की संरचना और न्यायिक दिशा पर प्रभाव डालने के कारण बारीकी से देखा जाता है।
यह सिफ़ारिश उस समय आई है जब न्यायपालिका लंबित मामलों की बाढ़ और न्यायिक विविधता की मांगों से जूझ रही है। गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना से न्यायाधीशों का चयन सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न क्षेत्रीय दृष्टिकोण लाने की संभावना को दर्शाता है।