📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rituraj.bharti
अपराध
नागौर में पटाखा गोदाम विस्फोट पर कलेक्टर ने निरीक्षण चूक स्वीकार
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 07 नव. 2026, 04:02 PM
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बड़ली, नागौर में पटाखा गोदाम विस्फोट में प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई, कलेक्टर ने कहा कि 1988 से लाइसेंस नवीनीकरण होता रहा पर साइट का कोई भौतिक निरीक्षण नहीं हुआ। अब संबंधित अधिकारियों की जांच शुरू की गई है।
नागौर जिले के बड़ली क्षेत्र में स्थित एक पटाखा गोदाम में विस्फोट हुआ, जिससे व्यापक क्षति हुई और hazardous सामग्री के भंडारण में सुरक्षा उपायों पर सवाल उठे। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की निगरानी में खामियों को उजागर किया।
जिला कलेक्टर एस. के. शर्मा ने स्वीकार किया कि 1988 से गोदाम का लाइसेंस लगातार नवीनीकृत होता रहा, परंतु स्थल का कोई भौतिक निरीक्षण कभी नहीं किया गया। उन्होंने इस चूक को प्रक्रियात्मक लापरवाही बताया और वास्तविक जाँच न होने पर खेद व्यक्त किया।
राज्य प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक औपचारिक जाँच आदेशित की है। इस जाँच में यह देखा जाएगा कि क्या नियामक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन‑से सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
जिला कलेक्टर एस. के. शर्मा ने स्वीकार किया कि 1988 से गोदाम का लाइसेंस लगातार नवीनीकृत होता रहा, परंतु स्थल का कोई भौतिक निरीक्षण कभी नहीं किया गया। उन्होंने इस चूक को प्रक्रियात्मक लापरवाही बताया और वास्तविक जाँच न होने पर खेद व्यक्त किया।
राज्य प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक औपचारिक जाँच आदेशित की है। इस जाँच में यह देखा जाएगा कि क्या नियामक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन‑से सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।