📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
टेक्नोलॉजी
सीएम रेखा गुप्ता ने निवेशकों के साथ दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति 2026 पर चर्चा की
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 06 सित. 2026, 02:18 PM
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में निवेशकों से मिलकर 2026 की स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति पर चर्चा की, जिसमें नई प्रोत्साहन योजनाओं का विवरण दिया गया।
दिल्ली, 6 सितंबर (अमर उजाला) – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति 2026 के मसौदे पर चर्चा करने के लिये वेंचर कैपिटलिस्ट और एंजेल निवेशकों के एक समूह के साथ बैठक की। यह सत्र मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें टैक्स रिबेट, प्रारंभिक फंडिंग अनुदान और राजधानी में विशेष इनक्यूबेशन हब की प्रस्तावित सुविधाओं पर प्रतिक्रिया ली गई।
नीति मसौदा स्टार्टअप पंजीकरण को सरल बनाने, सरकारी खरीद में आसान पहुँच और तकनीकी‑उन्मुख उद्यमों के लिये सेक्टर‑विशिष्ट इनक्यूबेटर नेटवर्क स्थापित करने का लक्ष्य रखता है। निवेशकों को कार्यान्वयन की संभावित समयसीमा के बारे में बताया गया और शुरुआती चरण की कंपनियों के लिये व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने हेतु सुझाव देने का अवसर दिया गया।
हालाँकि कोई अंतिम आंकड़े नहीं बताए गए, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि नीति के तहत प्रूफ़‑ऑफ़‑कॉन्सेप्ट प्रोजेक्ट्स के लिये एक विशेष फंड बनाया जाएगा तथा स्थापित उद्योग खिलाड़ियों के साथ मेंटरशिप कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस बैठक के बाद सभी सुझावों को संकलित कर दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को अंतिम नीति दस्तावेज़ में सम्मिलित करने के लिये भेजा जाएगा।
यह पहल दिल्ली को भारत में नवाचार और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो अन्य राज्यों द्वारा शुरू किए गए समान योजनाओं के साथ तालमेल रखती है।
नीति मसौदा स्टार्टअप पंजीकरण को सरल बनाने, सरकारी खरीद में आसान पहुँच और तकनीकी‑उन्मुख उद्यमों के लिये सेक्टर‑विशिष्ट इनक्यूबेटर नेटवर्क स्थापित करने का लक्ष्य रखता है। निवेशकों को कार्यान्वयन की संभावित समयसीमा के बारे में बताया गया और शुरुआती चरण की कंपनियों के लिये व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने हेतु सुझाव देने का अवसर दिया गया।
हालाँकि कोई अंतिम आंकड़े नहीं बताए गए, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि नीति के तहत प्रूफ़‑ऑफ़‑कॉन्सेप्ट प्रोजेक्ट्स के लिये एक विशेष फंड बनाया जाएगा तथा स्थापित उद्योग खिलाड़ियों के साथ मेंटरशिप कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस बैठक के बाद सभी सुझावों को संकलित कर दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को अंतिम नीति दस्तावेज़ में सम्मिलित करने के लिये भेजा जाएगा।
यह पहल दिल्ली को भारत में नवाचार और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो अन्य राज्यों द्वारा शुरू किए गए समान योजनाओं के साथ तालमेल रखती है।