📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Akashwk07
अपराध
सीएम मोहन यादव ने देवास में शराब की जाँच में पुलिस अधिकारी की मौत पर कलेक्टरों को सख्त चेतावनी
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 04 नव. 2026, 11:31 PM
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देवास में अवैध शराब की जाँच के दौरान पुलिस अधिकारी की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों और एसपी को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
देवास, मध्य प्रदेश में अवैध शराब की जाँच के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। यह कार्रवाई राज्य में बढ़ती शराब की तस्करी को रोकने के लिए की गई थी, जिसमें कई बार स्वास्थ्य जोखिम और मौतें हुई हैं।
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (एसपी) को कड़ी निगरानी रखने और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि किसी भी चूक या लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारी की मौत की पूरी जांच का आदेश दिया और प्रक्रिया में किसी भी खामी को दूर करने की मांग की। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाएंगे।
राज्य सरकार ने तस्करियों के प्रमुख क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अवैध शराब के कारखानों को बंद करने का संकल्प लिया है। यह कदम जनता का भरोसा वापस जीतने और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह निर्देश मध्य प्रदेश की अवैध शराब पर प्रतिबंध को सख्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिससे भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (एसपी) को कड़ी निगरानी रखने और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि किसी भी चूक या लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारी की मौत की पूरी जांच का आदेश दिया और प्रक्रिया में किसी भी खामी को दूर करने की मांग की। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाएंगे।
राज्य सरकार ने तस्करियों के प्रमुख क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर अवैध शराब के कारखानों को बंद करने का संकल्प लिया है। यह कदम जनता का भरोसा वापस जीतने और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यह निर्देश मध्य प्रदेश की अवैध शराब पर प्रतिबंध को सख्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिससे भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।