📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pradip Nemane
मौसम
जलवायु परिवर्तन से नेपाल, असम और केरल में बढ़ी आपदाएँ, विशेषज्ञ चेतावनी
✍️ The Economic Times
🗓 06 सित. 2026, 12:33 PM
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बढ़ते तापमान और अनियंत्रित विकास से नेपाल, असम और केरल में बाढ़, भूस्खलन और गर्मी की लहरें तेज़ हो रही हैं, विशेषज्ञों का कहना है।
जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तापमान वृद्धि और अनियंत्रित विकास का मेल प्राकृतिक आपदाओं को अधिक बार और गंभीर बना रहा है, चाहे वह हिमालयी क्षेत्र हो या भारत के पूर्वोत्तर और दक्षिणी भाग। नेपाल में अनियमित मानसून और ग्लेशियर पिघलने से नदियों का जलस्तर बढ़ा है, जिससे पहाड़ी बस्तियों में भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है।
भारत के असम राज्य में नदी किनारे बेतहाशा बस्ती और अपर्याप्त जल निकासी प्रणाली ने मौसमी बाढ़ के प्रभाव को बढ़ा दिया है, जिससे फसलों और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है।
केरल के तटीय जिलों में गर्मी की लहरें और समुद्र तट का क्षरण तेज़ हो रहा है, क्योंकि निर्माण कार्यों ने उन मैंग्रोव और जलजमाव क्षेत्रों को कम कर दिया है जो पहले प्राकृतिक रक्षक थे।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कड़ी भूमि‑उपयोग नीतियों और जलवायु‑सहिष्णु बुनियादी ढाँचे के बिना इस क्षेत्र में आपदाओं की आवृत्ति में निरंतर वृद्धि देखी जाएगी, जिससे आजीविका और खाद्य सुरक्षा दोनों पर असर पड़ेगा।
भारत के असम राज्य में नदी किनारे बेतहाशा बस्ती और अपर्याप्त जल निकासी प्रणाली ने मौसमी बाढ़ के प्रभाव को बढ़ा दिया है, जिससे फसलों और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है।
केरल के तटीय जिलों में गर्मी की लहरें और समुद्र तट का क्षरण तेज़ हो रहा है, क्योंकि निर्माण कार्यों ने उन मैंग्रोव और जलजमाव क्षेत्रों को कम कर दिया है जो पहले प्राकृतिक रक्षक थे।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कड़ी भूमि‑उपयोग नीतियों और जलवायु‑सहिष्णु बुनियादी ढाँचे के बिना इस क्षेत्र में आपदाओं की आवृत्ति में निरंतर वृद्धि देखी जाएगी, जिससे आजीविका और खाद्य सुरक्षा दोनों पर असर पड़ेगा।