📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
कृषि
जलवायु परिवर्तन से भारतीय डेयरी क्षेत्र को वार्षिक ₹2,661 करोड़ का नुकसान
✍️ OrissaPOST
🗓 05 नव. 2026, 08:36 AM
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भारत को जलवायु परिवर्तन के कारण वार्षिक ₹2,661 करोड़ का दूध उत्पादन में नुकसान हो रहा है, ओरिसा पोस्ट के अनुसार।
ओरिसा पोस्ट ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में हर साल ₹2,661 करोड़ का दूध उत्पादन में नुकसान हो रहा है।
यह आंकड़ा बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और पशुओं पर गर्मी के तनाव के कारण दूध उत्पादन में गिरावट को दर्शाता है।
दूध भारतीय आहार का मुख्य हिस्सा है और ग्रामीण परिवारों की आय का एक प्रमुख स्रोत भी। इस स्तर का नुकसान उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ाता है और किसानों पर आर्थिक दबाव डालता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डेयरी क्षेत्र को शेडिंग, बेहतर जल प्रबंधन और चयनात्मक प्रजनन जैसी जलवायु‑सहनशील प्रथाओं को अपनाकर भविष्य के नुकसान को कम करना चाहिए।
यह आंकड़ा बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और पशुओं पर गर्मी के तनाव के कारण दूध उत्पादन में गिरावट को दर्शाता है।
दूध भारतीय आहार का मुख्य हिस्सा है और ग्रामीण परिवारों की आय का एक प्रमुख स्रोत भी। इस स्तर का नुकसान उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ाता है और किसानों पर आर्थिक दबाव डालता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डेयरी क्षेत्र को शेडिंग, बेहतर जल प्रबंधन और चयनात्मक प्रजनन जैसी जलवायु‑सहनशील प्रथाओं को अपनाकर भविष्य के नुकसान को कम करना चाहिए।